विधानसभा चुनाव में किठौर क्षेत्र में भाजपा एवं सपा में कड़ी टक्कर हुई थी परंतु कुछ माह बाद ही भाजपा एवं सपा को जनता ने किनारे करके नगर पंचायत चुनाव में बसपा को वोट देकर उसके प्रत्याशी को जीत दिलाई। इससे बसपा कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है।
किठौर विधानसभा क्षेत्र में नगर पंचायत शाहजहांपुर, किठौर एवं खरखौदा हैं। इनमें सपा, भाजपा एवं बसपा के दिग्गज नेताओं ने अपने प्रत्याशी चुनाव में उतारे थे। जिसमें शाहजहांपुर में भाजपा के आयशा बेगम तथा खरखौदा में रामफल पर दांव लगाया था। वहीं, किठौर में निर्दलीय प्रत्याशी रिहाना परवीन को भाजपा ने समर्थन दिया था। सपा से शाहजहांपुर में यासमीन बेगम तथा किठौर में पूर्व मंत्री के चचेेरे भाई की पत्नी रक्षिंदा रहीं। वहीं, खरखौदा में बिजेंद्र कुमार थे। किठौर, शाहजहांपुर नगर पंचायत में बसपा के प्रत्याशी ने विजय हासिल की तो भाजपा, सपा के प्रत्याशियों को मुंह की खानी पड़ी। वहीं, खरखौदा में निर्दलीय प्रत्याशी के विजय रथ को भाजपा, सपा और बसपा के प्रत्याशी से नहीं रोक सके। यूपी की राजनीति में किठौर विधानसभा क्षेत्र की अपनी पहचान है।
चर्चा है कि करीब नौ माह पहले किठौर विधानसभा क्षेत्र में जहां भाजपा ने एकजुट होकर सत्यवीर त्यागी को विजय दिलाई थी। वहीं, सपाइयों ने दिग्गज नेता शाहिद मंजूर के पक्ष में भारी मतदान कराया था परंतु वह भाजपा प्रत्याशी से करीब 10 हजार वोटों से हार गये थे। नगर पंचायत चुनाव में भाजपा, सपा द्वारा उतारे गए प्रत्याशियों की हालत काफी पतली रही। नगर पंचायत किठौर और शाहजहांपुर में बसपा के प्रत्याशी ने जोरदार विजय हासिल की। शाहजहांपुर में भाजपा को मात्र 162 मत प्राप्त हुए तो खरखौदा और किठौर में भी फेल रही। वहीं, किठौर, शाहजहांपुर में बसपा की जोरदार जीत होने पर कार्यकर्ता खुशी के चलते फूले नहीं समा रहे हैं।