भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में निजी नलकूप एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली के दामों में बढ़ोतरी को वापस लेने के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को शुक्रवार को भेजे पत्र में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बिजली के दामों में अचानक की गई 50 से लेकर 150 प्रतिशत तक की वृद्धि से किसान और मजदूर की कमर टूट जाएगी। किसानों की फसलों के मूल्य में महंगाई दर से वृद्धि नहीं की जाती है। हाल में गन्ना, धान एवं गेहूं के दामों में की गई वृद्धि बेहद कम है। देश के अन्य राज्यों का जिक्र करते हुए बताया कि वहां सरकार सस्ती एवं मुफ्त बिजली उपलब्ध कराती है। जिसके चलते किसानों पर अधिक भार नहीं पड़ता है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से किसानों पर अधिक भार पड़ने की आशंका जताई है। चुनाव के समय भाजपा ने संकल्प पत्र में बिजली दर आधी कर जनता को लाभ देने की बात कही थी। इसके बावजूद सरकार अपने कहे अनुसार खरा नहीं उतर रही है। भाकियू ने बिजली की दरों में अव्यावहारिक वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए प्रदेश में बडे़ आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसील अध्यक्ष नरेश चौधरी ने बताया कि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने घोषणा की कि पाचं दिसंबर से पूरे प्रदेश में प्रत्येक डीएम के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। सरकार जब तक बढ़ी बिजली दरें वापस नहीं लेगी आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्य बातें
भाकियू पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दरें वापस लेने की मांग की