झिटकरी गांव में कोर्ट से स्टे के बाद एक किसान द्वारा बस्ती की नाली रोक देने पर दो पक्षों में करीब पंद्रह दिन से तनाव है। तहसील टीम ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर भूमि की पैमाइश की और समस्या के समाधान कराने का प्रयास किया।
झिटकरी के ग्रामीणों ने खेत मालिक पर जबरन पानी बंद कर देने का आरोप लगाया। गांव पहुंची तहसीलटीम का घेराव कर जबरन नाली का पानी खेत में खोल दिया। किसान की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के मुताबिक पुलिस बल की मौजूदगी में किसान ने फिर से पानी को बंद करा दिया। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया था। इसके बाद शुक्रवार को कानूनगो रामलाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय लेखपालों की टीम गांव पहुंची। उसने गांव में नाली और रास्ते की भूमि की समस्या के समाधान कराने के लिए पैमाइश की। टीम ने चकरोड को कब्जा मुक्त कराने के लिए सीमांकन किया।
तहसील मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को झिटकरी के ग्रामीणों ने बस्ती के पानी की निकासी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। मामला ग्रामीणों की जलभराव की समस्या और दूसरा खेत मालिक नाली के नहीं होने के कारण कोर्ट से स्टे को लेकर पेंच फंस गया है। किसान सिजरे के अनुसार खेत में नाली के नहीं होने की बात कहकर खेत में जा रहे पानी को रोक दिया। वहीं, किसान जल निकासी के लिए खेत में नाली बनाने को राजी नहीं है। ग्रामीण खेत में नाली बनाकर पानी निकालने की जिद पर अडे़ हैं। वहीं, किसान खेत में पानी के घुसने पर फसल बर्बाद होने की बात कर रहा है। ग्राम प्रधान संत सिंह का कहना है कि समस्या का समाधान होना चाहिए। इसके लिए किसान एवं तहसील प्रशासन को भी मिलकर प्रयास करना चाहिए। इसी समस्या के समाधान के लिए शुक्रवार को काननूगो रामलाल के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची और मामले की पड़ताल करके पैमाइश की। वहीं, चकरोड की पैमाइश करके सीमांकन किया। फिलहाल समस्या जस की तस बनी हुई है। इस मामले में एसडीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों से बात चल रही है। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
मुख्य बातें
ग्रामीण और किसान पानी की निवासी को लेकर आमने-सामने, तनाव
एसडीएम बोले, दोनों पक्षों को बुलाकर समस्या का जल्द समाधान कराएंगे