गांव किशनपुर बिराना में बनाए जा रहे शौचालयों में मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में पीली ईंट लगाई जा रही हैं। वहीं गांव स्थित तालाब पर अतिक्रमण है।
शासन द्वारा ग्रामीणों को दी जा रही सुविधाओं की यहां पर खानापूरी की जा रही है। गांव किशनपुर बिराना में 150 शौचालयों का निर्माण होना है। अभी 50 के आसपास शौचालयों पर फिलहाल काम चल रहा है। उनका आरोप है कि शौचालयों के निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
गांव निवासी तेजवीर सिंह, विजेंद्र सिंह ने कहा कि निर्माण में पीली ईंट लगाई जा रही हैं। वहीं सीमेंट भी मानक के अनुसार नहीं लगाया जा रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान सतपाल सिंह का कहना है कि एक ट्रॉली में ईंट गलत आ गई हैं। उनको वापस कराया जाएगा। वहीं, गांव स्थित तालाब पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर रखा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि कई बार इस बाबत अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तहसील स्तर से कोई कार्रवाई अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ नहीं की गई है। वहीं, उपजिलाधिकारी अंकित श्रीवास्तव का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। जांच कराकर तालाबों से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। वहीं, खंड विकास अधिकारी राजीव बरतलिया का कहना है कि एक-दो दिन पहले ही उन्होंने शौचालयों के निर्माण की जांच की थी। उस समय तो सब ठीक था। यदि ग्रामीणों की शिकायत है तो पुन: एडीओ से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
किशनपुर बिराना के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लगाया आरोप
बीडीओ ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया