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गांव तिगरी के प्रधान ने एसडीएम को दिए पत्र में ग्राम समाज की संपति पर कब्जा होने से रोकने की मांग की है।

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मवाना।
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गांव तिगरी के प्रधान परमिंद्र सिंह ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर गांव के ही चार लोगों के खिलाफ ग्राम समाज की संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया। इस पर एसडीएम ने लेखपाल को जांच करने का आदेश दिया है।
गांव तिगरी के प्रधान परमिंद्र तोमर पुत्र सुरेंद्र सिंह ने एसडीएम को दिए पत्र में कहा कि भूमि खसरा संख्या 160, 162, 163 ग्राम समाज की संपत्ति है। जिस पर गांव के ही चार लोग जबरन कब्जा कर मकान बनाना चाहते हैं। उन्होंने छोटी-मोटी दीवार बना ली हैं और शीघ्र ही संपूर्ण सरकारी संपत्ति पर अपने मकान बनाना चाहते हैं। जिससे गांव में शांतिभंग होने की आंशका है। गांव में स्कूल की कमी है तथा सरकारी पानी की टंकी भी नहीं है। जिसके लिए उक्त भूमि उपयुक्त है। पत्र में सरकारी संपत्ति से उक्त लोगों को जबरन कब्जा करने से रोके जाने की मांग की है। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने इस संबंध में हलका लेखपाल को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिया है।
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झूठी शिकायत करने की जानकारी दी
मवाना।
मोहल्ला तिहाई निवासी नजमुद्दीन खां ने उपजिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा कि रोडवेज बस स्टैंड के निकट के दुकानदारों की शिकायत पर उनको सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। जनपद और हाईकोर्ट में मुकदमे विचाराधीन रहते हुए नगर पालिका द्वारा अवैध पांच दुकानों को छोड़कर अन्य दुकान एवं संपत्ति को ध्वस्त न किया जाए।
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मोहल्ला तिहाई निवासी नजमुद्दीन खां पुत्र नसीरूद्दीन खां तथा अफसर पुत्र महकार उर्फ बुंदू ने उपजिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा कि वे लोग पक्का तालाब के निकट की भूमि के मालिक एवं काबिज हैं। इस भूमि से नगर पालिका का कोई वास्ता नहीं है। कपिल कुमार आदि जो दुकान नं. 19 से 23 में किराएदार बताकर अधिकारियों से गलत शिकायत कर रहे हैं। उक्त भूमि खसरा नंबर 1775 के बारे में भिन्न-भिन्न न्यायालयों और हाईकोर्ट इलाहाबाद में मुकदमे विचाराधीन हैं। अभी तक न्यायालयों द्वारा किए गए फैसलों में उसको उक्त भूमि का मालिक घोषित किया है। इस नंबर के उत्तर के किनारे पर मुकदमे के दौरान नगर पालिका द्वारा बनाई दुकानों को अवैध बताते हुए ढहाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने पत्र में उपजिलाधिकारी से कहा कि कपिल कुमार आदि के किसी भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत होने पर प्रार्थी को सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए तथा विवादित संपत्ति का संबंध जनपद न्यायालय एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुकदमे में विचाराधीन रहते हुए नगर पालिका द्वारा अवैध बनाई पांच दुकानों को छोड़कर कोई अन्य दुकान एवं संपत्ति को ध्वस्त न किया जाए।
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