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खाद्य विभाग का खेल,फिर बचाये गए असली गुनहागार

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अमर उजाला ब्यूरो
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किठौर।
शाहजहांपुर के बड़ा बाजार स्थित मिनी फ्लोर मिल से पकड़े गए 979 बोरे सरकारी राशन मामले में खाद्य विभाग टीम ने सतही जांच के बाद आरोपी के बयान पर तीन लोगों को नामजद कर मुकदमा कायम कराया है। दो आरोपी फ्लोर मिल मालिक पिता-पुत्र रविवार से ही पुलिस हिरासत में हैं। जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। खाद्य विभाग की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई न होते देख क्षेत्र में लोगों में रोष है।
रविवार को एआरओ आनन्द प्रभु, सप्लाई इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार व योगेश कुमार ने मुखबिर की सूचना पर शाहजहांपुर स्थित सुशील कुमार पुत्र गनपत राय निवासी नेहरू नगर के मिनी फ्लोर मिल पर छापा मारा था। दुकान के तीन गोदामों से 979 बोरे सरकारी गेहूं के बरामद किए थे। मामले में खाद्य विभाग टीम ने सुशील और उसके बेटे आशीष को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया था। पूछताछ में सुशील ने बताया की उक्त गेहूं उसने किठौर निवासी मरगूब से खरीदा था। एआरओ आनंद प्रभु ने बताया कि सरकारी राशन की कालाबाजारी, खरीद फरोख्त के आरोप में तीन लोगों को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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कहां से आया सरकारी गेहूं
सूत्रों की माने तो रविवार रात डीएम समीर वर्मा ने खाद्य विभाग की टीम को शाहजहांपुर व किठौर में सभी राशन डीलरों के स्टाक चेक करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग टीम ने सभी के स्टाक सही होने की रिपोर्ट डीएम को दी। अब सवाल उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी गेहूं कहां से आया। जिसकी खाद्य विभाग ने जांच करने तक की जरूरत नहीं समझी। केवल फ्लोर मिल मालिक व उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा अपना पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणो का आरोप है कि खाद्य विभाग की टीम क्षेत्र के राशन डीलरों पर मेहरबान है।

सरकारी चावल में भी हुआ था खेल
ग्रामीणों के अनुसार तीन माह पूर्व भी एक दुकानदार का चावल पकड़ा गया था। वह भी सरकारी राशन था। लेकिन थाने में सांठगांठ के बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके एक सप्ताह बाद मुखबिर की सूचना पर 1600 बोरे सरकारी राशन पकडा गया।

खाना लाया था बेटा, बना दिया आरोपी
खाद्य विभाग की टीम ने फ्लोर मिल मालिक सुशील के बेटे से बयान लिया तो उसने बताया कि वह रोज की तरह मेरठ से पिता के लिए खाना लाया था। उसकी मेरठ में आटा-मैदा सूजी का थोक का कारोबार है। इसके बाद भी खाद्य विभाग की टीम ने उसको आरोपी बनाकर मुकदमा दर्ज करा दिया।

छापे से पहले पहुंच जाते हैं राशन डीलर
ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से शिकायत की कि खाद्य विभाग की टीम छापेमारी से पूर्व क्षेत्र के राशन डीलरों को मौके पर भेज देती है। ऐसे में सच्चाई कहां से पता चल पाएगी। दुकानदार तक ही जांच होकर रह जाती है। असली गुनहगार बच जाता है। जबकि पकड़ा गया सरकारी राशन गोदाम या फिर डीलरों से ही खरीदा जाता है।
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तीन हजार बोरे गेहूं की है खपत
सूत्रों और क्षेत्र के दुकानदारों की माने तो किठौर व शाहजहांपुर में करीब एक दर्जन से अधिक बड़ी चक्की और मिनी फ्लोर मिले हैं। यहां पर प्रति माह करीब 3000 बोरे की खपत होती है।
खास बातें
शाहजहांपुर में फ्लोर मिल में पकड़े गए 979 बोरे सरकारी राशन का मामला
फ्लोर मिल मालिक के बयान पर खाद्य विभाग टीम ने तीन लोगों को किया नामजद
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