पर्यूषण पर्व पर श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में महामंडल विधान
हस्तिनापुर।
श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के मल्लिनाथ भगवान के समवशरण में पर्यूषण पर्व के अवसर पर चल रहे श्री 1008 तीनलोक महामंडल विधान में कार्यक्रम का शुभारंभ जाप्य अनुष्ठान से हुआ। अभिषेक के उपरांत महामंत्रों से मंत्रित शांतिधारा की गई। इसको करने का सौभाग्य मोतीलाल जैन, धर्मचंद जैन, प्रभात, शीतल जैन प्राप्त को हुआ। शांतिधारा में सहयोग सुशील जैन राजरानी जैन आगम जैन मेरठ ने किया।
मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज जी ने कहा कि लोभ सर्व पापों को उत्पन्न करने वाला है। अत: संतोष धारण करने से जीव को सुख प्राप्त होता है। जीव की पवित्रता शील, जप, तप, ज्ञान, ध्यान के प्रभाव सेे होती है। मानव शरीर का स्वभाव अपवित्र है, क्योंकि उसके अंदर मल भरा हुआ है इसलिए उसे पवित्र नहीं कहा जा सकता। कषाय विभाव भाव है। ईंधन डालने से अग्नि कभी संतुष्ट नहीं होती, नदियों के मिलने से सागर कभी शांत नहीं होता। विषयों के भोगने से वासनाएं शांत नहीं होती। पं. आशीष ने तीनलोक महामंडल विधान की व्याख्या कर धातकीखंड के विजयमेरू में स्थित जिनालयों की पूजन संपन्न कराया। भगवान मल्लिनाथ की भक्ति करते हुए विनोद जैन, सतेन्द्र जैन, विजय कुमार जैन, तरस जैन, सुषमा जैन, सरला जैन, सुशील जैन, मुकेश जैन, मनोरमा जैन आदि ने भक्तिनृत्य किए। मुख्य लाडू चढ़ाने का सौभाग्य विनोद जैन सुषमा जैन खतौली, जयकुमार जैन सुधा जैन कोटा, कमला देवी जैन हस्तिनापुर, रमेश चंद जैन दिल्ली, धर्मचंद जैन मोतीलाल तिजारा, विपिन जैन मेरठ, अरुणा जैन, बीना जैन सहारनपुर, सतेंद्र कुमार जैन, हेमलता जैन फरीदाबाद, प्रमोद जैन बुढ़ाना आदि को प्राप्त हुआ। सांय काल में संगीतमय महाआरती, भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। सांयकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतियोगिता के पुरस्कार महेशचंद जैन दरियागंज, दिल्ली ने प्रदान किये। मौके पर क्षेत्र के मंत्री प्रद्युम्न कुमार जैन, उपाध्यक्ष हेमचदं जैन, मुकेश जैन, अशोक जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, मणिचंद जैन आदि मौजूद रहे।
आडंबर को छोड़कर सत्यता में जीना चाहिए
हस्तिनापुर। श्रीकृष्ण मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को संत स्वामी श्री अकामानंद महाराज ने कहा कि संसार रूपी भवसागर से पार करने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है। गुरु नौका है जो परमात्मा के अखंड पद को प्राप्त कराता है। जीवन को सहज व सरल बनाने के लिए बनावटीपन पाखंड व आडंबर को छोड़कर सत्यता में जीना चाहिए। भगवान किसी संत रूप या अन्य स्वरूप को धारण कर अवतार लेते हैं। इस दौरान विजय सिंह चौहान, मनोज शर्मा, मनवीर सिंह, प्रेमचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
दहेज उत्पीड़न का आरोप
हस्तिनापुर। कस्बे के मोहल्ला भीमनगर निवासी मीनाक्षी ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़िता ने ब्रह्मपुरी निवासी पति राजवीर, जेठ विनोद, जेठानी रेखा, और ननद सरिता, नंदोई रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला ने बताया कि उसकी शादी 16 मई 2015 को हुई थी। इसके बाद से ली ससुराल वाले एक लाख रुपये की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट करने लगे।