स्वास्थ्य विभाग ने कैली और उलधन गांव में शिविर लगाकर दवा दी
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
पिछले एक सप्ताह से गांव कैली और उलधन में एक बच्चे समेत तीन ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इन तीनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग में दोनों गांवों ने शिविर लगाया है। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू के लक्षण एवं बचाव के तरीके बताए तथा दवा वितरित की। मरीजों को मेडिकल में जांच कराने की भी सलाह दी है।
गांव कैली निवासी एकता (30) पत्नी कपिल त्यागी एक सप्ताह से बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित है। परिजनों ने एकता का पहले गांव में ही झोलाछाप से इलाज कराया। सेहत में सुधार नहीं होने पर उसे हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भेजा। वहां भी स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने पर परिजनों ने मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद एकता को स्वाइन फ्लू की पुष्टि कर दी। वहीं, चिकित्सकों ने तीमारदार समेत परिजनों को भी बचाव के लिए दवा दी है। उधर, गांव उलधन निवासी ब्रह्मपाल (50) पुत्र महावीर करीब एक सप्ताह से बुखार, खांसी, बदन दर्द एवं जुकाम आदि से पीड़ित था। ब्रह्मपाल का पहले गांव में तथा बाद में खरखौदा में चिकित्सक के यहां इलाज कराया लेकिन सुधार नहीं हुआ। इस पर परिजनों ने चिकित्सकों की सलाह पर मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया है। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद ब्रह्मपाल को स्वाइन फ्लू की पुष्टि की। वहीं, गांव उलधन मडैया निवासी राजू का चार वर्षीय बेटा हिमांशु भी कई दिन से बीमार चल रहा है। आसपास के चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद उसके स्वास्थ में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया है। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि कर दी है। जिला स्तर पर दोनों गांवों में स्वाइन फ्लू की सूचना मिली तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। खरखौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. आरके सिरोहा ने शुक्रवार को ही गांव कैली और उलधन में स्वास्थ्य शिविर लगवाया तथा ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू केे लक्षण एवं बचाव की जानकारी दी। वहीं, जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज में जांच कराने की सलाह दी। हांलाकि गांव कैली में करीब डेढ़ माह पहले भी एक मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।