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उ. प्र. राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन नगर पालिका के ईओ तथा निर्माण लिपिक पर समय से आर टी आई के तहत मांगी गई सूचना नहीं दिए जाने प

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राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई के तहत जानकारी नहीं देने पर की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
राज्य सूचना आयोग ने नगर पालिका के तत्कालीन जनसूचना अधिकारी और निर्माण लिपिक पर समय से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना नहीं देने पर अर्थदंड लगाया है। राशि उनके वेतन से काटने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।
मोहल्ला तिहाई निवासी नवीन रस्तोगी पुत्र चंद्रपाल रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका से जिलाधिकारी के माध्यम से आरटीआई के तहत वर्ष 2012 में निर्माण संबंधी जानकारी मांगी थी। उन्होंने जानकारी नहीं मिलने पर राज्य सूचना आयोग से अपील की थी। राज्य सूचना आयुक्त राजकेश्वर सिंह की पीठ द्वारा 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जन सूचना अधिकारी पर अर्थदंड लगाया है। उक्त अर्थदंड की वसूली जनसूचना अधिकारी के रूप में कार्यावधि की गणना के आधार पर पृथक-पृथक की जाएगी। जनसूचना अधिकारी से वसूली जाने वाली अर्थदंड राशि 25 हजार रुपये से अधिक नहीं होगी। पत्र में डीएम को आदेश दिया कि नगर पालिका निर्माण लिपिक अनिल कुमार और तत्कालीन जनसूचना अधिकारी सुरेंद्र राम के वेतन से वसूली करने का आदेश दिया है।
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इस संबंध में नगर पालिका के निर्माण लिपिक अनिल कुमार का कहना है कि उनको ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण उनको इस संबंध में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र राम पर यहां ईओ और जनसूचना अधिकारी का कार्यभार था। उनका यहां से स्थानातंरण हो चुका है।
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