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युवक को स्वाइन फ्लयू, गंभीर हालत में दिल्ली भर्ती, सवास्थ्य विभाग की टीमडगांव में पहुंची जांच को

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सीएमओ के आदेश पर सीएचसी खरखौदा की टीम कैली गांव पहुंची
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
करीब 15 दिन पहले मथुरा घूमने गया व्यक्ति स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया। उसे पहले हापुड़ फिर मेरठ और इसके बाद गंभीर हालत में दिल्ली रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की पुष्टि के बाद बुधवार को खरखौदा सीएचसी की टीम पीड़ित के घर पहुंची और परिजनों तथा आसपास के लोगों की सेहत की जांच की। परिजनों को जिला अस्पताल जाने संबंधी सलाह दी। उधर, स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो जाने से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में दहशत है।
गांव कैली निवासी शिवकुमार (40) पुत्र मलखान सिंह हापुड़ तहसील में बैनामा लेखक है। परिजनों के अनुसार शिवकुमार दोस्तों के साथ करीब 15 दिन पहले मथुरा-गोवर्धन यात्रा पर गया था। वहां से लौटने के दौरान उसकी रास्ते में ही तबीयत खराब हो गई। शिवकुमार ने गांव में ही चिकित्सक के यहां इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने हापुड़ में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुुआ। उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि की तथा शिवकुमार को चार दिन पहले दिल्ली में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां भी शिवकुमार की हालत में सुधार नहीं हुआ है। सीएमओ ने सीएचसी खरखौदा प्रभारी से गांव कैली जाकर मरीज के परिजनों और आसपास के ग्रामीणों की जांच का आदेश दिया। जिस पर बुधवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके सिरोहा ने डा. सनी यादव, सुपरवाइजर विजय कुमार, क्षेत्रीय एएनएम मिथलेश शर्मा की टीम गांव भेजी। टीम ने शिवकुमार के परिवार के 13 सदस्यों समेत आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। हालांकि किसी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। इसके बाद भी टीम ने परिवार के सभी सदस्यों को जिला अस्पताल में जाकर जांच कराने की सलाह दी है। उधर, परिजनों को कहना है कि शिवकुमार की हालत गंभीर बनी हुई है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
तेज जुकाम, नाक बहना
ठंड लगना
तेज बुखार
बदन दर्द
गला खराब
सिरदर्द
सीएचसी प्रभारी के अनुसार सभी वायरल स्वाइन फ्लू नहीं हो सकता है। इस वायरस की चपेट में बच्चे और बूढे़ आते हैं। स्वाइन फ्लू से पीड़ित के सांस छोड़ने से इसका वायरस आसपास के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यदि किसी मरीज में ऐसे लक्षण मिलते हैं तो वह तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराए। इसकी जांच जिला स्तर पर होती है। यह वायरस सबसे पहले फेफडे़ को चपेट में लेता है। इससे मरीज की जान भी जा सकती है।
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