मेरठ। लॉकडाउन के चलते हरियाणा में फंसे यूपी के मजदूरों की घर वापसी शुरू हो गई है। करनाल और यमुनानगर से शनिवार को हरियाणा रोडवेज की दो बसें 72 मजदूरों को लेकर मेरठ के भैसाली बस अड्डे पर पहुंचीं। इनमें करीब 20 बच्चे थे। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी सघनता से जांच की। इसके बाद कुछ लोगों को घर भेज दिया और बाकी को लावड़, सरधना और मवाना आदि में क्वारंटीन के लिए भेजा है। वहीं, रात में तीन अन्य बसें 72 मजदूर लेकर पहुंचीं। इस प्रकार कुल 144 मजूदर पहुंचे हैं।
सबसे पहले दोपहर में करनाल से रोडवेज की बस भैसाली बस अड्डा पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि इसमें बच्चों समेत 46 मजदूर थे। इसके बाद शाम को दूसरी बस यमुनानगर से पहुंची। इसमें 26 लोग थे। इन सभी की स्वास्थ्य विभाग ने सघनता से जांच की। मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के समय से ही उन्हें वहां राधास्वामी सत्संग भवन में क्वारंटीन किया गया था। वहां सभी सुविधा दी जा रही थीं। लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से मजदूरी मिलना बंद हो गई थी। उन्हें कोरोना का डर सता रहा था। वे हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश सरकार के शुक्रगुजार हैं। भैसाली डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि पहले इन मजदूरों को लाने की जिम्मेदारी गोरीपुर चेकपोस्ट बागपत से यूपी रोडवेज को सौंपी गई थी। हालांकि बाद में हरियाणा रोडवेज को यह जिम्मेदारी दे दी गई। यहां से इन्हें अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटीन के लिए महानगर सिटी बस द्वारा भेजा गया।