दो बार खुलासा, पांच गिरफ्तार, रिकवरी शून्य
1.17 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी में पुलिस ने तीन और आरोपी दबोचे
आरोपियों ने 10 करोड़ रुपये ठगना किया स्वीकार, मुख्य आरोपी रियाज फरार
मेरठ। 1.17 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी मामले में सदर थाना पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस अफसर दूसरी बार खुलासा कर रहे हैं। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक पुलिस पीड़ित व्यापारी का एक रुपया भी नहीं दिला पाई है। पुलिस दावा कर रही है कि 10 लाख रुपये बैंक के अकाउंट में रिकवरी हो चुके हैं, जो कि अभी सीज हैं।
एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह व एएसपी कैंट रामअर्ज ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। बताया कि 1.17 करोड़ की ठगी के मामले में तीन आरोपी तरुण छिपा निवासी अयोध्यानगर भोपाल, सलमान कुरैशी निवासी ऐशबाग भोपाल और कालीचरन निवासी कृष्णगंज पिलखुवा हापुड़ को गिरफ्तार किया गया है। छह महीने पहले सारू सिल्वर अलायन्ज प्रा. लि. के मालिक प्रवीण कुमार ने सदर बाजार थाने में केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि कंपनी के अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर को हैक कर 1.17 करोड़ रुपये अकाउंट से निकाले गए थे। मोबाइल नंबर हैक होने की जानकारी संबंधित बैंक को दी थी, इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने पैसा निकाल लिया। इस मामले में जांच साइबर सेल से कराई जा रही थी। 11 मई को पुलिस ने आरोपी गौरव सोनी और नितिन चौहान को जेल भेजा था।
मुख्य आरोपी नहीं चढ़ा हत्थे
एसएसपी ने बताया कि गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग हैं। मेरठ, भोपाल, उत्तराखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों में इस गिरोह का नेटवर्क है। गिरोह के मुखिया रियाज को अभी पुलिस नहीं पकड़ पाई है। एसएसपी का कहना है कि यह गैंग सक्रिय है। मोबाइल का सिम खराब होने पर दूसरा सिम लेकर अकाउंट की डिटेल लेकर पैसा निकालते हैं। दस करोड़ से अधिक रुपये इस तरह से निकाल चुके हैं।
बैंक कर्मचारियों पर होगा केस
एसओ सदर बाजार विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि इस ठगी में बैंक की भूमिका भी सामने आई है। सूचना देने के बाद बावजूद बैंक कर्मियों ने अकाउंट बंद नहीं किया। इसके चलते आरोपी पैसा निकालते रहे। पुलिस जांच में बैंक की घोर लापरवाही सामने आई है। पुलिस अब बैंक अधिकारियों को भी आरोपी बनाएगी।