- झुग्गियां ही क्यों बनाई टारगेट, किसने रची थी साजिश
- खुफिया विभाग की रिपोर्ट में किया गया इसका खुलासा
मेरठ।
भूसा मंडी में झुग्गियां ही क्यों टारगेट बनाई गई। इसकी जांच एलआईयू ने शुरू कर दी है। आगजनी के बाद शहर में दंगा भड़काने की गहरी साजिश थी। इसका मास्टरमांइड कौन था। पुलिस जल्द ही इसका खुलासा करने का दावा कर रही है। हालांकि खुफिया विभाग की रिपोर्ट में साजिशन बवाल का जिक्र किया गया है।
भूसा मंडी के सिर्फ एक हिस्से में आगजनी हुई है। वहां पर गरीबों की झुग्गियां थी, बाकी अन्य मकान पक्के व आलीशान बने हैं। उनको कोई नुकसान नहीं हुआ। भूसा मंडी के स्थानीय लोग धार्मिक स्थल समेत 200 झुग्गियों में आग लगाने का आरोप सदर बाजार पुलिस और कैंट बोर्ड पर लगा रहे हैं। जबकि पुलिस की जांच कहती है कि आग लगाने के बाद शरारती तत्वों ने शहर में दंगा भड़काने की कोशिश की। शहर में हल्ला भी मचा है कि आग बवालियों ने लगाई है।
सवाल ये है कि अगर बवाली आग लगाते तो झुग्गियों के अलावा आलीशान मकान को क्यों बख्शते। बवालियों का कोई रूप नहीं होता। उनका मकसद सिर्फ बवाल कराना होता है। लेकिन उन्होंने सिर्फ झुग्गियों को अपना निशाना बनाया। इसको लेकर भूसा मंडी में अलग अलग चर्चा है। एलआईयू ने भूसा मंडी का नक्शा बनाकर शासन को भेजा। झुग्गियों को टारगेट बनाया गया, इसका जिक्र भी रिपोर्ट में किया। मास्टरमांइड का नाम उजागर करने की बात कही।
इस आग में किसका फायदा
आगजनी में 200 परिवार उजड़ गए। पीड़ितों को खाने तक के लाले हैं। इन सबके बीच बड़ी बात यह है कि इस आग में किसका फायदा हुआ। इस पर पुलिस प्रशासन का फोकस है। इसको लेकर खुफिया विभाग ने भूसा मंडी की भौगोलिक स्थिति की जानकारी भी जुटाई है।
कैंट बोर्ड की भी थी नजर
भूसा मंडी में सिर्फ यही जगह थी, जहां पर कैंट बोर्ड की नजर थी। कैंट बोर्ड का दावा है कि लोगोें ने गलत तरीके से कब्जा किया हुआ है। लेकिन घनी आबादी के चलते कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। आसपास भी आलीशान मकान बने हैं। इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं हैं। लेकिन बोलने को कोई तैयार नही है।