प्राइमरी स्कूल और मंदिर परिसर में बांध दिए गोवंश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। किसानों की फसलों को नष्ट करने वाले गोवंश के खिलाफ अब ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। सोमवार को परतापुर क्षेत्र के गांव काजमाबाद गून के किसानों ने जंगल से गोवंश पकड़कर प्राथमिक विद्यालय और शिव मंदिर परिसर में बांध दिए। इससे परेशान होकर शिक्षकों ने बच्चों को पड़ोस के एक बरामदे में पढ़ाया। सूचना पर पहुंची पुलिस भी समस्या का समाधान नहीं करा सकी।
काजमाबाद गून के ग्रामीणों ने बताया कि एक माह से 100 से अधिक गोवंश खेतों में घूम रहे हैं। इससे फसलें नष्ट हो रही हैं। इसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों ने डीएम से की, लेकिन समाधान नहीं निकला। रविवार को ग्रामीणों ने जंगल से 30 गोवंश पकड़कर गांव के प्राथमिक विद्यालय और शिव मंदिर परिसर में बांध दिए। सोमवार को जब प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्या गीता और अन्य शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंचे तो उन्हें गोवंश बंधे मिले। प्रधानाचार्या के अनुसार विद्यालय में 167 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। सोमवार को उन्हें बराबर के अहाते में पढ़ाया गया। उन्होंने परिसर में गोवंश बंधे होने की सूचना बीएसए और एबीएसए को दी। सूचना पर एबीएसए मनोज गुप्ता पुलिस के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने शिक्षक और एबीएसए को एफआईआर दर्ज कराने को कहा। इसके बाद पुलिस वापस चली गई।
भाजपा नेता ने उपलब्ध कराया चारा
स्कूल परिसर में बंद गोवंश को गांव के ही भाजपा नेता सतीश सैनी ने चारे की व्यवस्था कराई। वहीं मंदिर परिसर में बंधे गोवंश के लिए किसी ने भी चारा उपलब्ध नहीं कराया। इस मामले को लेकर मंगलवार को ग्रामीण डीएम से मिलेंगे।
गोशाला पर करोड़ों खर्च, फिर भी घूम रहे गोवंश
योगी सरकार ने आवारा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में सुरक्षित रखने और चारे की व्यवस्था के निर्देश दिए हुए हैं। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ब्लॉक स्तर पर गोशालाओं के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन गोवंश अभी भी घूम रहे हैं और फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
व्यवस्था की जाएगी
हमने बीडीओ से बात की है। उन्होंने सभी गोवंश को स्कूल से निकलवाकर किसी गोशाला में भिजवाने का आश्वासन दिया है। मंगलवार को व्यवस्था की जाएगी। -सतेंद्र ढाका, बीएसए