सालाना चार करोड़ खर्च, सुरक्षित नहीं कैंपस
मेरठ। सालाना चार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सीसीएसयू कैंपस सॉफ्ट टारगेट पर है। इस असुरक्षित कैंपस में जिसका जब जहां मन आए, साथियों के साथ हमला और फायरिंग कर फरार हो जाता है। मंगलवार को एमबीए के छात्र पर जानलेवा हमले ने फिर सुरक्षा की पोल खोली है।
222 एकड़ में फैले चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी कैंपस में मार्कशीट, डिग्री और दूसरे प्रमाण पत्र लेने के लिए तमाम जिलों से छात्र-छात्राएं आते हैं। कैंपस में तीस से ज्यादा विभाग हैं। तीन हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। पहले कैंपस की सिक्योरिटी में प्राइवेट गार्ड लगे थे। लेकिन बाद में होमगार्ड लगा दिए गए थे। इस वक्त करीब ढाई सौ होमगार्ड यहां तैनात हैं। सिक्योरिटी बजट की बात करें तो इस साल का बजट करीब चार करोड़ रुपये का है। यानी तकरीबन 33 लाख रुपये महीना कैंपस में सिर्फ सिक्योरिटी पर खर्च किया जाता है। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी में घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
प्रोफेसर भी निशाने पर
कैंपस में पहले तो छात्रों पर ही फायरिंग हो रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले अंग्रेजी विभाग में प्रोफेसर पर ही फायरिंग हो गई थी। इससे साफ हो गया कि कैंपस में सुरक्षा गार्ड का कोई असर नहीं है। इससे पहले लाइब्रेरी में बाहरी युवकों द्वारा तोड़फोड़ कर दी गई थी। जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रिटायर्ड सैनिकों को सिक्योरिटी में लगाने का निर्णय लिया था। फिलहाल 57 रिटायर्ड सैनिकों को मेन गेट, सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज गेट और लाइब्रेरी के बाहर लगाया गया है। लेकिन इसके बाद भी घटनाएं थम नहीं रहीं।
रास्ता बना सुरक्षा में बाधा
कुछ दिन पहले ही कैंपस में डिप्टी रजिस्ट्रार के सामने एक कॉलेज के संचालक पर हमला बोल दिया गया। इससे पहले भी लगातार घटनाएं होती रही हैं। छात्रों ने बताया कि जिस वक्त घटना उस वक्त कोई होमगार्ड भी विभाग में नहीं था। जबकि यहां पर चार-पांच होमगार्ड की ड्यूटी रहती है। सुरक्षाकर्मी तो लापरवाही कर ही रहे हैं, सुरक्षा में बड़ी बाधा डिग्गी के रास्ते से भी खड़ी होती है। यूनिवर्सिटी कैंपस अकेला ऐसा शिक्षण संस्थान है जिसके भीतर से किसी कॉलोनी में रास्ता जाता है। जब तक इस रास्ते को बंद नहीं कराया जाएगा तब तक कैंपस में ऐसी घटनाओं को रोक पाना मुश्किल है।
खास बातें:
250 से ज्यादा सुरक्षा गार्ड हैं सीसीएसयू कैंपस में तैनात
33 लाख रुपये महीना होता है सुरक्षा पर खर्च, फिर भी कैंपस सॉफ्ट टारगेट
मंगलवार को एमबीए के छात्र पर जानलेवा हमले ने खोली फिर पोल