मेरठ। शहर को डेयरियों से मुक्त करने और आबादी के बीच से श्वानों को बाहर करने को हाईकोर्ट के आदेश का भी अनुपालन नहीं हो रहा है। इसको लेकर शासन में भी शिकायत की जा रही हैं।
हाजी असलम निवासी बागपत गेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने न्यायालय को शहर में डेयरियों में पल रही गायों और भैंसों के अलावा आवारा श्वानों की स्थिति से अवगत कराया था। कहा था कि जहां श्वान हमलावर हो रहे हैं तो डेयरियों से निकल रहे गोबर को नालियों में बहाया जाता है। जिसके कारण नाले और नालियां हर समय चोक रहता हैं। जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए थे कि शहर को डेयरियों और श्वानों से मुक्ति दिलाने के लिए अभियान चलाया जाए। शहर से बाहर पशु कालोनी विकसित की जाए। लेकिन न्यायालय के आदेश पर कोई अमल नहीं हो पाया है। जबकि एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने भी नगरायुक्त को पत्र लिखा है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।