निर्माणाधीन कांजी हाऊस में रखे जा रहे गोवंश
बहसूमा। जिला पंचायत ने कस्बे में खंडहर में तब्दील हो चुके कांजी हाऊस को पुनर्जीवित करते हुए कस्बे के आवारा गोवंश को संरक्षण की सौगाद दी है। सोमवार से कस्बे में निर्माणाधीन कांजी हाऊस में गोवंश रखने प्रारंभ कर दिए है। जिससे क्षेत्र के किसानों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के पिता मुखिया गुर्जर ने बताया कि करीब 30 साल पूर्व कस्बे में जिला पंचायत की भूमि पर कांजी हाऊस संचालित हुआ करता था। इसके बाद रखरखाव के अभाव में कांजी हाऊस भी खंडहर में तब्दील हो चुका था। भले ही सीएम योगी के निर्देश 10 जनवरी तक सभी आवारा पशुओं और गोवंश को गो सरंक्षण केंद्रों पर पहुंचाने का फरमान अमल में लाया गया हो। धरातल पर इन आवारा गोवंश को रखने के लिए बहुत तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसे अधिकारियों का खौफ ही कहे कि आनन फानन में कस्बा स्थित कांजी हाऊस को नया निर्माण कर रखने की व्यवस्था में लगे हैं। हालांकि सीएम योगी ने कांजी हाऊस का नाम बदलकर अब गो सरंक्षण केंद्र कर दिया है। कस्बा स्थित निर्माणाधीन गो संरक्षण केंद्र में पहले दिन नौ आवारा पशुओं को रखा गया है। वहीं इस संबंध में नगर पंचायत के ईओ कमलाकांत राजवंशी का कहना है कि गो संरक्षण केंद्र में पहले दिन नौ आवारा पशुओं को रखा गया है। ईओ के मुताबिक कस्बा क्षेत्र में अभी तक 11 पशुओं को पहले ही पकड़कर मवाना गऊशाला भिजवा चुके है।
डीपीएम में परीक्षा परिणाम दिए गए
बहसूमा। कस्बे के डीपीएम सीनियर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल में सोमवार को शिक्षक व अभिभावकों की सभा में परीक्षा से पूर्व बच्चों के शैक्षिक विकास तथा परीक्षा परिणाम कार्ड वितरित किए। सभा में कक्षा नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों के शैक्षिक उन्नति के विषय में चर्चा की गई। कॉलेज सचिव जगदीश त्यागी ने बच्चों के साथ आए अभिभावकों को उनकी समस्याओं से अवगत कराया। अनुज त्यागी, मुकुल त्यागी, अलका, पुजा, सतेंद्र, गुलाब व राजेश आदि का सहयोग रहा।
बिजली समस्याओं को लेकर अधिकारियों से मिले लोग
बहसूमा। सोमवार को रामराज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी की बिजली की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुजफ्फरनगर के अधिकारियों से मिले। अधिकारियों ने शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल ने रामराज में बिजली के अनेक खंभे काफी जर्जर व आडे़ तिरछे होकर दुकानों व मकान की ओर झुके हुए है। जिनसे हादसों की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा खंभों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को सुचारू करने, जर्जर तारों को बदलवाने आदि मांगों को लेकर मिले। पत्र में अमित बंसल, केपी धीमान, दीपक सिंघल, आशीष सिंघल व नीरज जौन के हस्ताक्षर है।