जांच समिति ने सौंपी रिपोर्ट, काली सूची में ही रहेगी फर्म
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के27 साल से बंद पड़े प्राइवेट वार्ड में मिली शराब की पेटियों के मामले में मेडिकल कॉलेज की चार सदस्य जांच समिति ने जांच पूरी कर प्राचार्य को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसकेबाद यह तय किया गया है कि यह फर्म काली सूची में ही रहेगी। जो कार्य अधूरे पड़े हैं, ये फर्म सिर्फ उन्हीं को पूरा करेगी।
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में पता चला है कि शराब जिस दिन मिली, उससे पांच दिन के भीतर ही वहां रखी गई थी। शराब दो अगस्त को वहां मिली थी, इससे पांच दिन पहले चौकीदार ने उस वार्ड को देखा था, तब वहां शराब नहीं थी, लिहाजा माना गया है कि उस दिन से और मिलने वाले दिन तक, इन्हीं पांच दिनों में वहां शराब रखवाई गई थी। जांच समिति ने चौकीदार समेत 10 से ज्यादा लोगों को बयान दर्ज किए हैं। प्राचार्य ने बताया कि यह फर्म मैसर्स रैन पीपुल है, जिसे सरकारी भवन में शराब की पेटी रखने के कारण अस्पताल में जो विभिन्न कार्यों के लिए अनुबंध किया गया था, उसे निरस्त कर दिया गया था और फर्म को काली सूची में डाल दिया गया था। इनके ठेके की वैद्यता मार्च 2018 से मार्च 2019 तक थी। वहीं जांच कमेटी में डॉ. विनय अग्रवाल अध्यक्ष, प्रमुख अधीक्षक डॉ. राकेश दुबे, डॉ. एसकेपालीवाल और डॉ. पीके जैन शामिल थे।