विश्व स्तनपान सप्ताह आज से
प्रसव के एक घंटे के भीतर 60 फीसदी महिलाएं नहीं कराती स्तनपान
मेरठ। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 के अनुसार प्रदेश में सिर्फ 25 फीसदी महिलाएं ही जन्म के एक घंटे केभीतर अपना दूध पिलाती हैं, जबकि 41.6 फीसदी महिलाएं अपने बच्चों को महज छह माह तक स्तनपान कराती हैं। जिले में करीब 40 फीसदी महिलाएं ही ऐसी हैं जो प्रसव के एक घंटे केभीतर अपने नवजात को स्तनपान कराती हैं। बाकी 60 फीसदी महिलाएं इसके बाद ही स्तनपान कराती हैं।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि ऐसा जागरूकता के अभाव की वजह से है। जो प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में होते हैं, उनमें साल 2017-18 में करीब 91 प्रतिशत महिलाओं ने स्तनपान कराया है, जबकि निजी अस्पतालों में सर्वे के जरिए पता चलता है कि वहां यह कम काफी कम है। मेरठ में 60 फीसदी प्रसव निजी चिकित्सालयों और 40 प्रतिशत सरकारी चिकित्सालयों में होते हैं।
दरअसल, शहरी क्षेत्र की महिलाएं आधुनिक दिखने के कारण इससे बचती हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू में दूध पिलाने को लेकर कुछ भ्रांतियां हैं। कुछ महिलाओं को भ्रम होता है कि मां का पहला दूध (कोलेस्ट्रम) बच्चे के लिए अच्छा नहीं होता है। जबकि हकीकत यह है कि जब नवजात स्तनपान करता है तो ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जिससे प्रसूूता के शरीर से प्रोलैक्टिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे स्वाभाविक तरीके से प्रसूता को छह माह तक गर्भाधारण नहीं होता है। एक अगस्त से विश्व स्तनपान सप्ताह शुरू हो रहा है जो कि सात अगस्त तक चलेगा। जागरूक करने के उद्देश्य से ही हर साल विश्वभर में यह सप्ताह मनाया जाता है।
मां को रखना चाहिए सेहत का ख्याल
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम सिरोही ने बताया कि जो मां बच्चे को दूध पिलाती हैं उन्हें अपनी सेहत का भी ख्याल रखना चाहिए। महिलाएं अक्सर प्रसव के दौरान तो पोषक तत्व व आयरन कैलिशयम का सेवन करती हैं, मगर प्रसव के बाद इसे छोड़ देती हैं। इससे बच्चे को दूध पिलाने से उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
कम से कम छह माह तक कराएं स्तनपान
मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति दूबे ने बताया कि जन्म केतुरंत बाद स्तनपान कराएं। बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नवजात को प्रसव केबाद स्तनपान कराएं। बच्चे को कम से कम छह माह तक मां का दूध ही पिलाना चाहिए।
जिम्मेदारी की गई तय
डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी तय की गई है कि प्रसव के बाद एक घंटे के भीतर बच्चों को स्तनपान करवाना सुनिश्चित करें। इस सप्ताह आशाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वह महिलाओं को जागरूक करें।
डॉ. राजकुमार, सीएमओ
ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ रहा खतरा
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. उमंग मित्थल का कहना है कि बच्चों को स्तनपान न कराने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, जबकि स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इस बीमारी के लक्षण कम दिखते हैं।