फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत बंद की अफवाह से व्यापारी असमंजस में

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत बंद की अफवाह से व्यापारी असमंजस में
विज्ञापन

मेरठ। 10 अप्रैल को भारत बंद की अफवाहों को लेकर पुलिस-प्रशासन ही नहीं व्यापारी और उद्यमी भी असमंजस में हैं। बंद का आह्वान किस संगठन की तरफ से हुआ है, इसका ही पता नहीं चल पा रहा है। वहीं दो अप्रैल के बंद में हुई हिंसा को देखते हुए कारोबारी वर्ग आशंकित है। ऐसे में 10 अप्रैल को बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में साप्ताहिक बंदी हो सकती है।
एससी एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर बीती दो अप्रैल को दलित संगठनों द्वारा भारत बंद के आह्वान के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को एक और भारत बंद का मैसेज लगातार वायरल हो रहा है। यह बंद को सवर्णों का समर्थन बताया जा रहा है। इस दूसरे बंद को लेकर शनिवार को एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने कई संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता की। लेकिन सभी ने इस तरह के किसी बंद की सूचना देने या आह्वान करने से इंकार कर दिया। बावजूद इसके प्रशासन इस बंद की अफवाह को लेकर सतर्कता बरत रहा है।
विज्ञापन

वहीं, दो अप्रैल की हिंसा में चोट खा चुके व्यापारी और उद्यमियों के बीच इस 10 अप्रैल के बंद की अफवाह को लेकर असमंजस की स्थिति है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि उनके पास अभी तक किसी भी ऐसे संगठन ने संपर्क नहीं किया है, जो इस बंद का आह्वान या समर्थन कर रहा हो। लेकिन तमाम व्यापारिक और उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों की फोन कॉल्स जरूर आ रही हैं। जो इस बंद को लेकर चिंतित हैं।
नवीन गुप्ता ने बताया कि साईंपुरम इंडस्ट्रियल एरिया रविवार को बंद रहता है। लेकिन इस बंद की अफवाह के चलते उन्होंने रविवार को अपने उद्योग संचालित किए और मंगलवार 10 अप्रैल को बंद रखने का फैसला लिया है। जबकि अन्य बाजारों के संगठन जिनका बाजार सोमवार को बंद रहता है, वह भी इस बंद के आह्वान को देखते हुए सोमवार को बाजार खोलने और मंगलवार को बंद रखने की बात कर रहे हैं। हालांकि अभी तक स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पायी है।
विज्ञापन

सहोदय का बंद से इंकार
सहोदय ने इस बंद में शामिल होने से इंकार कर दिया है। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि मंगलवार को विद्यालय बंद रहेंगे या नहीं अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रशासन की ओर से कोई आदेश मिला तब निर्णय लेंगे। संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति के प्रवक्ता राकेश गौड़ ने कहा कि हम लोग भी 10 अप्रैल को किसी बंद का कोई समर्थन नहीं कर रहे हैं।

खास बातें:
10 अप्रैल के बंद को समर्थन नहीं, बाजार और औद्योगिक क्षेत्र कर सकते हैं मंगलवार को साप्ताहिक बंदी
दो अप्रैल को हुए उपद्रव को लेकर सशंकित हैं व्यापारी और उद्यमी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें