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रैपिड ट्रेन

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रैपिड चलाओ पर सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर सब एरिया में सेना एवं आरआरटीएस अधिकारियों के बीच हुई बैठक में सेना के अफसरों ने कहा कि रैपिड ट्रेन के लिए रूट तय करो, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। कहां कितनी जमीन चाहिए, इसके लिए इंच बाई इंच जगह बताकर पूरा प्लान देना होगा। बैठक में सहमति बनी कि जल्द ही पूरी ड्राइंग और लैंड रिक्वायरमेंट प्लान बनाकर देना होगा। उस पर फिर से मंथन होगा।
बुधवार को एमडीए में सब एरिया कमांडर मेजर जनरल मनमीत सिंह, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर सुशील मान, कर्नल रोहित पंत, कर्नल देवगन, कैंट छावनी अधिशासी अभियंता अनुज सिंह, सिग्नल रेजीमेंट कमांडेंट, रक्षा संपदा अधिकारी, आरआरटीएस के मुख्य परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार हुस्तू, उप मुख्य अभियंता सलिल श्रीवास्तव, सीपीआरओ सुधीर कुमार शर्मा आदि ने रैपिड ट्रेन एलाइनमेंट पर मंथन किया। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अधिकारियों ने सैन्य अधिकारियों केसामने इसकी डीपीआर का प्रजेंटेशन किया। मुख्य रूप से जमीन को लेकर चर्चा हुई। चूंकि रैपिड ट्रेन सैन्य क्षेत्र से होकर गुजरेगी तो इसकेलिए जमीन की जरूरत होगी।
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स्टेशन के लिए चाहिए जमीन
बेगमपुल के बाद रैपिड ट्रेन का स्टेशन एमईएस कालोनी बनेगा। इसके बाद डौरली व मेरठ नार्थ स्टेशन होगा। यहां ट्रेन अंडरग्राउंड और एलवेटिड चलेगी। ऐसे में मुख्यत: जमीन स्टेशन के लिए चाहिए। खास तौर पर प्रवेश और निकासी के लिए जमीन की जरूरत है।

ए-वन लैंड भी है
इस एलाइनमेंट पर बेगमपुल से सोफीपुर तक जो जमीन है, उसके कैंट क्षेत्र, रक्षा संपदा तथा सेना की ए-वन लैंड भी है। इसका लैंड यूज चेंज करने के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। सैन्य अधिकारियों ने साफ कहा कि सुरक्षा बड़ी चीज है। ऐसे में यह भी देखना होगा कि यहां से ट्रेन का गुजरना कहीं सुरक्षा से समझौता तो नहीं। इसके अलावा लैंड यूज के लिए प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजना होगा। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी जमीन कहां-कहां चाहिए ताकि उसी आधार पर प्रस्ताव भेजा जा सके।

मेट्रो के स्टेशन भी हैं यहीं
इस मौके पर निर्णय हुआ कि जल्द ही सर्वे होगा। संयुक्त टीम मौके पर जाकर सर्वे करेगी और ड्राइंग तैयार होगी। चूंकि इसी ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन के भी दो स्टेशन प्रस्तावित हैं तो इसके लिए अलग से मशक्कत करनी होगी। यह भी सुपर इंपोज करना होगा कि मेट्रो और रैपिड के एलाइनमेंट में कितना अंतर रहेगा।

यह है रैपिड के स्टेशन
परतापुर, रिठानी, ब्रहमपुरी, बेगमपुल, एमईएस कालोनी तथा डौरली ऐसे छह स्टेशन हैं जो इस रूट में नए शामिल किए गए हैं। दिल्ली से लेकर मेरठ तक अब रैपिड के स्टेशन सराय काले खां, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगनर, मोदीनगर, मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, मेरठ सेंट्रल, बेगमपुल, मेरठ नार्थ और मोदीपुरम पहले ही प्रस्तावित थे।
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वर्जन
बैठक बेहद सकारात्मक रही है। जल्द ही हम पूरा प्लान बनाकर पेश करेंगे कि हमें कहां कितनी जमीन चाहिए। इस बैठक का परिणाम अच्छे रूप में सामने आएगा। -सुधीर कुमार शर्मा सीपीआरओ, आरआरटीएस

- सब एरिया में हुई रैपिड ट्रेन को लेकर बैठक
- आर्मी अफसरों ने कहा, कितनी जमीन कहां-कहां चाहिए, नक्शे पर सुपर इंपोज कर बताएं
- रक्षा मंत्रालय से लेनी होगी अनुमति, ए वन लैंड भी आ रही दायरे में
- सकारात्मक रहीं बैठक, एलाइनमेंट पर संयुक्त टीमें करेंगी निरीक्षण
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