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निगम कार्यकारिणी में 500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पास

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500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पास
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मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी की पुनरीक्षित बजट बैठक का भाजपा पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया। वहीं बसपा पक्ष के कार्यकारिणी सात सदस्यों ने 500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्यों ने हाउस टैक्स की कम वसूली, शहर में पसरी गंदगी और विकास कार्यों के मुद्दे भी उठाए। वहीं एक घंटे मे बैठक खत्म भी हो गई।
नगर निगम कार्यकारिणी बजट की बैठक महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी के संचालन से शुरू हुई। प्रारंभ में वंदेमातरम का गायन किया गया। इस दौरान महापौर ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन को शपथ दिलाई। इसके उपरांत लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बजट प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया। 2017-18 का पुनरीक्षित बजट पेश करते हुए 500 करोड़ आठ लाख रुपये के प्रस्ताव रखे। जिनपर सभी ने सर्वसम्मति से पास करके अपनी मुहर लगा दी।
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बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों ने शहर में पसरी गंदगी और ठहरे विकास पर बात की। जिसमें सविता ने कहा कि हाउस टैक्स की वसूली ठीक नहीं हो रही है। इस पर मुख्य टैक्स अधीक्षक असीम रंजन ने कहा कि टैक्स वसूली लगातार हो रही है। हाउस टैक्स को भी बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य सदस्यों ने नए वार्डों में सफाई कर्मचारी तैनाती न होने का भी मुद्दा भी उठाया। इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन ने कहा कि सभी वार्डों में सफाई कर्मी तैनात कर दिए गए हैं, लेकिन वह काम पर नहीं जा रहे हैं। इसके अलावा होर्डिंग की आय पर भी सवाल किए गए। हालांकि किसी भी विषय पर बैठक में हंगामा नहीं हुआ। धर्मवीर ने भी प्रस्ताव रखे।

राष्ट्रोदय में लगी निगम मशीनरी का भी उठा मुद्दा
निगम कार्यकारिणी सदस्य कासिम ने बैठक में राष्ट्रोदय कार्यक्रम पर निगम की लगी मशीनरी पर भी सवाल खड़ा किया। कासिम ने कहा कि एक कार्यक्रम में जिस प्रकार से निगम लगा है। उसी प्रकार अन्य कार्यक्रमों में भी लगना चाहिए।

नहीं हुआ वंदेमातरम का विरोध
नगर निगम की पहली ऐसी कार्यकारिणी बजट बैठक रही है, जिसमें वंदेमातरम पर भी कोई विरोध नहीं हुआ। वंदेमातरम के सम्मान में जहां महापौर और अधिकारी खड़े हुए, वहीं टाउन हाल के तिलक भवन में उपस्थित मुस्लिम सदस्य भी खड़े हुए।

हमें शहर का विकास करना है
जिनको शहर के विकास से कोई मतलब नहीं है वहीं कार्यकारिणी की बजट बैठक में नहीं पहुंचे। हमें शहर का विकास करना है। बैठक में सर्वसम्मति से बजट पास कर दिया गया है। सुनीता वर्मा, महापौर
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बैठक का कोई औचित्य नहीं
महापौर द्वारा बुलाई गई कार्यकारिणी बजट की यह बैठक और उपाध्यक्ष को शपथ दिलाया जाना पूरी तरह अवैध है। उपाध्यक्ष पर लगे आरोपों की अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने से पहले कार्यकारिणी की बैठक और उपाध्यक्ष को शपथ का कोई औचित्य नहीं है। ललित नागदेव, सदस्य कार्यकारिणी सदस्य नगर निगम
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