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दागियों को नहीं मिलेगा सपा में कोई पद

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दागियों को नहीं मिलेगा सपा में कोई पद
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मेरठ। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सपा को फिर से मजबूत करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। इस बार सपा की जिला और महानगर की कार्यकारिणी प्रकोष्ठ में दागियों को जगह नहीं मिलेगी। गुंडा एक्ट, हत्या के मुकदमे के आरोपियों को कोई पद नहीं मिलेगा। साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल न रहने वाले भी पद से दूर ही रहेंगे। इसके लिए सपा हाईकमान ने दिशा-निर्देश भेजे हैं।
सपा में जिला-महानगर कार्यकारिणी प्रकोष्ठ तथा विधानसभा स्तर पर विधानसभा कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। प्रदेश स्तर पर राज्य कार्यकारिणी के अतिरिक्त सभी संबद्ध प्रकोष्ठों की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन संबद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित किया जाता है। सपा हाईकमान का मानना है कि संगठन में ऐसे भी व्यक्ति शामिल हो जाते हैं जिनका पार्टी के क्रिया कलापों में योगदान नहीं होता है। यहां तक कि वे पार्टी के सक्रिय सदस्य भी नहीं होते, लिहाजा हिदायत दी गई है कि पार्टी के विभिन्न स्तर पर संगठन का गठन करते समय कुछ मानकों का जरूर ध्यान रखा जाए तथा प्रस्तावित कमेटी इन्हें ध्यान में रखते हुए ही भेजी जाए।
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सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने इस संबंध में सपा केसभी जिला और महानगर अध्यक्षों, संबद्ध प्रकोष्ठों के सभी प्रदेश अध्यक्ष को निर्देश भेजे हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा है कि सपा के विभिन्न संगठनों की अनुमोदित कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारियों तथा सदस्यों की भूमिका निष्क्रिय रही अथवा कहीं-कहीं पार्टी के विरोध में कार्य करने की सूचना भी प्राप्त होती रही। पदाधिकारी जिला और मासिक बैठकों में शामिल नहीं होते। लिहाजा जिला और महानगर, विभिन्न प्रकोष्ठ तथा विधानसभा स्तर केसंगठन की कार्यकारिणी तथा प्रदेश प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह और महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी ने बताया कि निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

इन मानकों पर उतरना होगा खरा
पार्टी का सक्रिय सदस्य हो।
अपने निवास के बूथ में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बूथ पर पार्टी का प्रत्याशी जीता हो।
कोई आपराधिक मुकदमा न हो जैसे गुंडा एक्ट और दफा 302 आदि।
जनवरी 2018 में मतदाता सूचियों को पुनरीक्षण के समय नए मतदाता शामिल कराए या नहीं।
पहले से संगठन में सदस्य अथवा पदाधिकारी रहे हों तो बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित होते रहे अथवा नहीं।
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