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औपचारिकता: हटाए नहीं, फाड़े जा रहे हैं अवैध होडिंग

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मेरठ। शहर में अवैध होर्डिंग और यूनिपोल हटाने के लिए चलाए गए अभियान के नाम पर नगर निगम अधिकारी खानापूर्ति कर रहे हैं। एक सप्ताह से चले रहे अभियान के दौरान मात्र 300 अवैध होर्डिंग हटाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। निगम अधिकारी होर्डिंग हटाने की जगह उन पर लगे फ्लैक्स फाड़कर होर्डिंग माफिया को लाभ पहुंचा रहे हैं।
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नगर निगम ने बीओटी मार्गों को छोड़कर पांच माह से किसी भी कंपनी को होर्डिंग लगाने का ठेका नहीं दिया है। इसके बाद भी शहर के मार्गों पर हजारों अवैध होर्डिंग और यूनिपोल की भरमार हैं। जिन पर मल्टीनेशनल कंपनियों होर्डिंग लगे हैं। इनसे होर्डिंग माफिया लाखों का कारोबार करते हैं। इसकी शिकायत शासन से की गई। अधिकारियों पर दबाव पड़ा तो एक सप्ताह पहले अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। कछुआ गति से चल रहे अभियान में अभी तक मात्र 300 होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें में भी ज्यादातर से केवल फ्लैक्स फाड़कर खानापूर्ति की गई है। शुक्रवार को भी नगर निगम ने दिल्ली रोड स्थित मेट्रो प्लाजा से बिजली बंबा बाईपास होते हुए हापुड़ रोड़ तक अभियान चलाया। निगम अधिकारियों ने 122 अवैध होर्डिंग हटाने का दावा किया, जबकि हकीकत में एक भी होर्डिंग नहीं काटा गया। केवल उनसे फ्लैक्स हटाकर खानापूर्ति की गई।
होर्डिंग माफिया को पहुंचा रहे लाभ
शहर में जिन मार्गों से अवैध होर्डिंग हटाने की बात कही जा रही है वहां से कुछ ही होर्डिंग हटाए गए है। अभी भी इन मार्गों पर अवैध होर्डिंग की बाढ़ है। नगर निगम अधिकारी होर्डिंग माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए इन्हें नहीं हटवा रहे।
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वर्जन......
जिन कंपनियों ने होर्डिंग के लिए आवेदन किए हुए थे उनको शीघ्र ही कार्य आदेश दिया जाएगा है। अवैध होर्डिँग हटाए जा रहे हैं। कुछ को नोटिस भी दिए गए हैं। -राजेश कुमार, होर्डिंग प्रभारी
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