चिकित्सकों ने यह बताई विरोध की वजह
- आईएमए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वायत्ता को भंग करने का विरोध करती है।
- नए बिल के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा की डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ रजिस्ट्रेशन करा कर होम्योपैथी, आयुर्वेद व अन्य ऐसे ही लोग एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे।
- एमबीबीएस छात्रों द्वारा अपना कोर्स पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना होगा।
- प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की आंत्रिक सीटों के वार्षिक शुल्क पर सरकार का नियंत्रण न रहना।
सरकारी चिकित्सालयों में रहेगी सुदृढ़ व्यवस्था : सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी-पीएचसी के जिम्मेदारों को इससे अवगत करा दिया गया है। सभी सरकारी चिकित्सालयों में सुदृढ़ व्यवस्था रहेगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। सभी ओपीडी चलेंगी। मरीजों की भीड़ बढ़ने के मद्देनजर तमाम तरह के इंतजाम करने की हिदायत दी गई है।