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यूपी: मेरठ के 1350 चिकित्सक आज हड़ताल पर, 272 अस्पताल रहेंगे बंद

Wed, 31 Jul 2019 02:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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हड़ताल पर डॉक्टर-प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) बिल के विरोध में बुधवार को जिले के करीब 272 अस्पताल-नर्सिंग होम बंद रहेंगे और आईएमए के करीब 1350 चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। इससे मरीजों को परेशानी होगी। इससे सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। हालांकि निजी चिकित्सालयों और नर्सिंग होम में इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी।

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आईएमए राष्ट्र्रीय मुख्यालय के निर्देशानुसार मंगलवार शाम चार बजे आईएमए सभागार में आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इसमें केंद्र सरकार द्वारा एनएमसी बिल को पारित करने के विरोध में 24 घंटे की मेडिकल सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया है। मेडिकल सेवाएं बुधवार (31 जुलाई) सुबह छह बजे से लेकर अगले दिन बृहस्पतिवार (एक अगस्त) सुबह छह बजे तक बंद रहेंगी।
 

इस दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मेरठ शाखा के सचिव डॉ. संदीप जैन, उपाध्यक्ष आईएमए यूपी स्टेट डॉ. अनिल कपूर डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. पीकेगुप्ता, डॉ. राजीव प्रकाश, डॉ. मेधावी तोमर और डॉ. आशु मित्तल आदि रहे।

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चिकित्सकों ने यह बताई विरोध की वजह
- आईएमए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वायत्ता को भंग करने का विरोध करती है।
- नए बिल के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा की डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ रजिस्ट्रेशन करा कर होम्योपैथी, आयुर्वेद व अन्य ऐसे ही लोग एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे।
- एमबीबीएस छात्रों द्वारा अपना कोर्स पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना होगा।
- प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की आंत्रिक सीटों के वार्षिक शुल्क पर सरकार का नियंत्रण न रहना।

सरकारी चिकित्सालयों में रहेगी सुदृढ़ व्यवस्था : सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी-पीएचसी के जिम्मेदारों को इससे अवगत करा दिया गया है। सभी सरकारी चिकित्सालयों में सुदृढ़ व्यवस्था रहेगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। सभी ओपीडी चलेंगी। मरीजों की भीड़ बढ़ने के मद्देनजर तमाम तरह के इंतजाम करने की हिदायत दी गई है।
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