प्रशिक्षण शिविर में नहीं आए 135 मतदान अधिकारी
मेरठ। पंचायत चुनाव के लिए पहले दिन 380 पोलिंग पार्टियों का प्रशिक्षण कराया गया। कुल 3040 पंजीकृत कर्मचारियों में से 2905 कर्मचारी उपस्थित और 135 अनुपस्थित रहे। गैर हाजिर मतदान अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं चुनाव में ड्यूटी कटवाने के लिए विकास भवन में भीड़ लगी रही।
मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी ने सभी को प्रशिक्षण में उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। इसमें पीठासीन अधिकारी 29, प्रथम मतदान अधिकारी 37, द्वितीय मतदान अधिकारी 23 और तृतीय मतदान अधिकारी 46 अनुपस्थित रहे। शनिवार सुबह 10 बजे से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। कार्यक्रम को 12 अप्रैल तक पूरा करना है।
पहले सत्र में सुबह 10 बजे और दूसरे सत्र में दोपहर 2 बजे से प्रशिक्षण कार्यक्रम एसडी सदर और दीवान पब्लिक स्कूल में आयोजित कराया जा रहा है। सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर का भी उपयोग किया जा रहा है। वहीं सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के समय मास्क और सामाजिक दूरी का ध्यान रखना है। इसी को देखते हुए कक्ष में कम कर्मचारियों के साथ ही मास्टर ट्रेनरों ने चुनाव के नियमों को बताया।
प्रोजेक्टर के माध्यम से पंचायत चुनाव के नियमों के बारे में बताया गया। इसमें मतदाताओं को अलग-अलग रंगों के मतपत्रों को देना और उन्हें एक ही मतपेटी में डलवाना आदि बताया गया। इस बार एक ही मतपेटी में चार मतपत्रों को डालना होगा। वहीं, सबसे अधिक फोकस कोरोना को देखते हुए सामाजिक दूरी पर दिया गया।
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चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए लंबी कतार
वहीं, विकास भवन में चुुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए लंबी कतार लग गई। रजपुरा ब्लॉक में कार्यरत शिक्षिका भी ड्यूटी कटवाने के लिए पहुंची। उन्होंने बताया कि पति को कोरोना हो गया है और वह प्रशिक्षण भी कर आई हैं। ऐसा सुनते ही विकास भवन में हड़कंप मच गया। उसका तुरंत प्रार्थना पत्र लेकर कमरे से बाहर भेजा गया। वहीं, विकास भवन सभागार में मेडिकल बोर्ड के सामने 100 से अधिक कर्मचारी पेश हुए। हालांकि मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों का कहना था कि सभी को प्रशिक्षण करना जरूरी है।
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वाहन चालकों को बना दिया मतदान अधिकारी
लोक निर्माण विभाग के वाहन, रोलर चालकों को मतदान अधिकारी बना दिया है। इस संबंध में निर्माण खंड और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि इनकी योग्यता के अनुसार ही इनकी ड्यूटी लगाई जाए। इनकी ड्यूटी पीठासीन, प्रथम, द्वितीय और तृतीय मतदान अधिकारी के रूप में लगा दी गई है। इसमें प्रांतीय खंड के सात और निर्माण खंड के नौ चालक शामिल हैं।