मेरठ। शहर के महिला डिग्री कॉलेजों में अब पब्लिक स्कूलों की तरह पैरेंट्स टीचर मीटिंग (पीटीएम) होगी। जिसमें शिक्षक छात्राओं के अभिभावकों से सीधे संवाद करेंगे। कॉलेज में नियम बनाने, अनुशासन और सख्ती लागू करने पर अभिभावकों की राय ली जाएगी। अभिभावक स्वयं भी अनुशासन बनाने के संबंध में कोई सुझाव दे सकते हैं। जिन्हें कॉलेज मैनेजमेंट समिति के सामने चर्चा होने के बाद लागू किया जा सकेगा।
डिग्री कॉलेजों में अनुशासन बनाने व छात्राओं की उपस्थिति कक्षाओं में बढ़ाने के लिए महिला महाविद्यालयों ने यह कदम उठाया है। शहर के महिला डिग्री कॉलेज व इंटर कॉलेजों में पिछले दिनों कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो अनुशासन पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। इंटर कॉलेज में छात्रा की पानी की बोतल में शराब मिली। डिग्री कॉलेजों में छात्राएं नकाब बांधकर आती थीं। नकाब खोलकर चेकिंग हुई तो अधिकांश छात्राएं बाहरी व दूसरे कॉलेजों की मिलीं। कई छात्राएं कक्षाओं के बीच में से ही गायब पाई गईं। कक्षाओं में छात्राओं की उपस्थिति भी काफी कम मिली। इन सभी घटनाओं के मद्देनजर डिग्री कॉलेजों में शिक्षक-अभिभावक बैठक कराने का निर्णय लिया गया है। महिला डिग्री कॉलेज इस नियम को लागू कर रहे हैं।
अभिभावक बाद में शिकायत न करें
पहले से शिक्षक-अभिभावक समिति की बैठक कराते हैं। छात्रा घर से कॉलेज के लिए आए। लेकिन कॉलेज न पहुंचे या बाहर कहीं पकड़ी जाए इस तरह के मामले होते हैं तो अभिभावक कॉलेज को दोषी ठहराते हैं। छात्राओं की उपस्थिति कम होना इन सबका रिकॉर्ड अभिभावकों के सामने रखते हैं, ताकि अभिभावक भी सही स्थिति से रूबरू हो सकें। -डॉ. किरन प्रदीप, प्रिंसिपल कनोहर लाल महिला डिग्री कॉलेज
नए सुझाव भी मिलते हैं
इंटर कॉलेजों से ही छात्राएं जिस तरह का माहौल बना रही हैं, उसमें सख्त अनुशासन लागू करना जरूरी है। कॉलेज नया नियम लागू करे तो छात्राओं के साथ कई बार अभिभावक भी नाराजगी जताते हैं। कई छात्राएं कॉलेज के नियमों की जानकारी अभिभावकों को देती ही नहीं हैं, इसलिए अभिभावक संघ की बैठक हर माह कराएंगे ताकि परिजन कॉलेज की हर गतिविधि की जानकारी रखें। -डॉ. नीलिमा गुप्ता, प्रिंसिपल इस्माइल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज