महापौर को गनर तो मिला पर जांच बैठ गई
मेरठ। उपद्रव कराने के आरोपी बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर पुलिस-प्रशासन ने और भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं, योगेश की पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को गनर तो मिल गया। लेकिन सुरक्षा के लिए यह गनर अब निशुल्क नहीं बल्कि दस फीसदी शुल्क पर दिया गया है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि योगेश वर्मा पर दो दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। जिसकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई है। योगेश वर्मा ने वर्ष 1995 से ही अपराध करना शुरू कर दिया था। वर्ष 1995 में ही उस पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। योगेश के खिलाफ हस्तिनापुर, दौराला, पल्लवपुरम, सिविल लाइन, मेडिकल, नौचंदी समेत अन्य थानों में केस दर्ज हैं। अफसरों का कहना है कि बसपा नेता का आपराधिक रिकॉर्ड लखनऊ भेज दिया गया है। जिसके खिलाफ रासुका की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वहीं, योगेश के दूसरे भाई की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसएसपी का कहना है कि महापौर सुनीता वर्मा को गनर तो दे दिया गया है। लेकिन सुनीता वर्मा के खिलाफ तीन तहरीर आयी हैं। जिनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
खास बातें:
योगेश वर्मा पर और भी शिकंजा कसने की तैयारी
महापौर को दिया दस फीसदी शुल्क पर गनर