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सीओ के सामने कोर्ट में सरेंडर हुआ हत्यारोपी

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मेरठ। सावित्री हत्याकांड में नामजद आरोपी पुलिस से दस कदम आगे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर एक हत्यारोपी ने फिर यह साबित कर दिया। सीओ सरधना दोपहर एससी/एसटी कोर्ट में मौजूद थे। तभी 25 हजार के इनामी हत्यारोपी अंकित जाट ने सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव में बेटे चेतन की हत्या में चश्मदीद गवाह सावित्री की तीन फरवरी को हत्या हुई थी। इस मामले में 17 आरोपी नामजद थे। जिसमें एक के बाद एक 14 आरोपी जेल चले गए। बृहस्पतिवार को 25 हजारी फरार अंकित एससी/एसटी कोर्ट में पहुंचा। इस दौरान सीओ सरधना दूसरे आरोपी अतुल कुमार का रिमांड लेने के लिए कोर्ट में मौजूद थे। अंकित के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह तीन दिन से सरेंडर होने के लिये आ रहा था। लेकिन रिपोर्ट न आने के कारण सरेंडर नही कर पा रहा था। यह अंकित है और सावित्री हत्याकांड का आरोपी है। जिस पर एडीजे पीयूष शर्मा ने अंकित को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
रिमांड के बजाय मिली फटकार
मेरठ। सावित्री के दामाद बबलू की हत्या में अतुल नामजद था। अतुल सावित्री हत्याकांड में जेल में बंद है। उसे रिमांड पर लेने के लिए सीओ सरधना संतोष कुमार कोर्ट पहुंचे थे। सीओ इस केस के विवेचक भी हैं। जिला जेल से अतुल को भी तलब किया हुआ था। अतुल के अधिवक्ता सुनील चिंदौड़ी ने तर्क दिया कि यह पुलिस की कितनी बड़ी लापरवाही है कि अतुल अभी सावित्री हत्याकांड का आरोपी है और पुलिस बबलू हत्याकांड में रिमांड मांग रही है। उसे पुलिस रिमांड पर कैसे दिया जा सकता है। जिस पर अदालत ने अभियोजन अधिकारी राधेश्याम से पूछा और कागजों को देखा तो पता चला कि अतुल ने सावित्री हत्याकांड में सरेंडर किया था और उसी मामले में वह जेल में बंद है। जबकि बबलू हत्याकांड में अभी तक उसका न्यायिक रिमांड नही बना है। जिस पर पुलिस की तरफ से दी गयी रिमांड अर्जी पर बल नहीं दिया गया। जिसके बाद अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी को खारिज कर दिया। पुलिस को फटकार भी लगाई।
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खास बातें:
- 25 हजारी अंकित का एससी/एसटी कोर्ट में सरेंडर
- सावित्री हत्याकांड में नामजद आरोपी है अंकित जाट
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