मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अब तक के सबसे बड़े आयोजन की व्यवस्था भी उतनी ही विशाल हो रही है। 650 एकड़ के मैदान में स्वयंसेवकों को सरसंघ संचालक का संबोधन सुनाने के लिए एक हजार लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। मंच की साज सज्जा भी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। संघ नेताओं का कहना है कि शनिवार सुबह तक मंच पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
राष्ट्रोदय में तीन मंडलों के 14 जनपदों से करीब सवा तीन लाख स्वयंसेवक आ रहे हैं। 650 एकड़ के विशाल मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम को बहुत ही भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। इन स्वयंसेवकों के बैठने की व्यवस्था मैदान में जमीन पर होगी। इस दौरान ये स्वयंसेवक शारीरिक क्रियाओं का प्रदर्शन भी करेंगे। स्वयंसेवकों के भोजन की व्यवस्था उनके आने वाले मार्गों पर ही की गयी है। लेकिन पीने के पानी की व्यवस्था राष्ट्रोदय स्थल के बाहर बनायी गयी पार्किंग स्थलों पर की गयी है।
पानी पीकर बोतल साथ ले जाएं
संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख अजय मित्तल ने बताया कि प्रत्येक स्वयंसेवक को एक-एक लीटर की पानी की बोतल दी जाएगी। साथ ही भोजन वितरण के साथ सभी को एक कपड़े का पिट्ठू बैग भी दिया जाएगा। स्वयंसेवकों को पानी की बोतल देने के साथ स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाएगा कि वह बोतल को अपने थैले में रखे और खाली होने पर भी अपने साथ ले जाएं। कोई भी स्वयंसेवक कार्यक्रम स्थल पर बोतल न फेंके। स्वयंसेवकों के लिए पानी की 3.25 लाख बोतलें मंगायी गयी हैं।
500 कूड़ेदानों की व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल के चारो तरफ व्यवस्थापकों की तरफ से 500 कूड़ेदान की भी व्यवस्था की गयी है। ताकि यदि कोई स्वयंसेवक अपने साथ लाए भोजन को खाता है तो उसकी पत्तल आदि कूड़ेदान में डाल सके। साथ ही पूरे परिसर के चारो तरफ पानी के 25 टैंकर अलग से लगाए गए हैं।
मंच की बैकग्राउंड लगनी शुरू
राष्ट्रोदय स्थल पर मुख्य मंच के पीछे की बैकग्राउंड लगनी शुरू हो गयी है। इस बैकग्राउंड को सूर्योदय का रूप दिया जा रहा है। ऐसे में मंच जब पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा तो सूर्योदय के नीचे चार घोड़ों का विशाल रथ दौड़ते हुए जैसी आकृति नजर आएगी। कार्यक्रम में श्रोताओं के लिए 10 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। जो कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित अतिथियों के अलावा ऐसे बुजुर्ग स्वयंसेवकों के लिए है जो किन्हीं कारणों से जमीन पर नहीं बैठ सकते।
सेल्फी खिंचवाने ई-रिक्शा से पहुंच रहे लोग
राष्ट्रोदय स्थल पर मेले जैसा नजारा है। लोग कार्यक्रम स्थल पर परिवार सहित मंच के आगे सेल्फी लेने पहुंच रहे हैं। वहीं व्यवस्था की दृष्टि से राष्ट्रोदय स्थल के भीतर जाने वाले सभी मार्ग सील कर दिए गए हैं। सिर्फ मेडिकल रोड की तरफ से आने वाला छोटा मार्ग ही भीतर जाने के लिए खोला गया है। लेकिन यहां पर भी सिर्फ पास बनवाकर ही जाया जा सकता है। लेकिन किसी भी वाहन का प्रवेश पूरी तरह वर्जित किया गया है। ऐसे में परिसर के भीतर जाने के लिए फिलहाल चार ई-रिक्शा की व्यवस्था की गयी है। जबकि 25 फरवरी को राष्ट्रोदय स्थल पर 40 ई-रिक्शाओं की व्यवस्था रहेगी।
खास बातें:
650 एकड़ के मैदान में 1000 लाउडस्पीकर प्रसारित करेेंगे सरसंघ चालक के विचार
3.25 लाख स्वयंसेवकों के लिए होगी उतनी ही पानी की बोतलों की व्यवस्था
10 हजार कुर्सियों की विशेष श्रोताओं के लिए की गई व्यवस्था