व्यापारी न हों परेशान, ईवे बिल जारी करना है आसान
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
केंद्रीय ईवे बिल एक फरवरी से लागू होने वाला है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग व्यापारियों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है, ताकि ईवे बिल जारी (जनरेट) करने में उन्हें कोई परेशानी न हो। कारोबारियों को ईवे बिल के लिए किसी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। मोबाइल एप के जरिए, वेबसाइट पर जाकर और एसएमएस से इसे जनरेट कर सकते हैं।
यह कैसे जनरेट करना है, इसे यूट्यूब पर जाकर देख सकते हैं। जिनकेपास इंटरनेट की सुविधा नहीं है और उन्हें एक दिन में अधिक ईवे बिल जनरेट करने हैं तो वे एसएमएस सर्विस से ईवे बिल जनरेट कर सकते हैं। इसकेलिए कारोबारियों को अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। इसकेअलावा मोबाइल एप की सुविधा भी बेहतर रहेगी। कारोबारी इस एप (ईवे बिल) को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें अपना विवरण और जीएसटीएन नंबर रजिस्टर करना होगा।
वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर एके राय ने बताया कि व्यापारी वेबसाइट पर अपना जीएसटी का यूजर आईडी और पासवर्ड भरें और बिल जनरेट करें। अगर ईवे बिल साइट पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले रजिस्ट्रेशन करा लें। इसके लिए ईवे बिल रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों को ईवे बिल जनरेट करने के तरीके सुझाए जा रहे हैं। केंद्र का ईवे बिल का 16 जनवरी से ट्रायल शुरू हो गया है। यह एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने और ले जाने के लिए है। राज्य का ईवे बिल एक जून से लागू किया जाना है। मेरठ में 50 हजार से ज्यादा व्यापारियों ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है।
खास बात
एक फरवरी से लागू होगा केंद्रीय ईवे बिल, मोबाइल पर एप के जरिए भी जनरेट कर सकेंगे