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बदला जाएगा उत्कल हादसे का सबब बना रेलवे ट्रैक

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मेरठ। उत्कल एक्सप्रेस हादसे का सबब बना खतौली का जर्जर रेलवे ट्रैक बदला जाएगा। बुधवार को कैंट स्थित फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट से तैयार की गई पटरियों को खतौली भेज दिया जाएगा। आगामी दिवसों में रेलवे ब्लॉक लेकर करीब एक किलोमीटर लंबे ट्रैक को नया कर दिया जाएगा। बाकी कार्य दूसरे चरण में पूरा होगा। कुल आठ किलोमीटर लंबा ट्रैक दुरुस्त किया जाना है।
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गत 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस खतौली में डिरेल हो गई थी। इस दुर्घटना में ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे। हादसे में चार अधिकारियों को निलंबित करने के अलावा 13 कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। यहां तक कि रेलवे बोर्ड चेयरमैन एके मित्तल की जगह अश्वनी लोहानी को बनाया जा चुका है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की जांच रिपोर्ट में दादरी-खतौली के बीच रेलवे ट्रैक जर्जर मिला था। करीब 35 साल पुराने रेलवे ट्रैक को बदले जाने की संस्तुति के बाद रेलवे ने प्रथम चरण में हादसे वाली जगह का करीब एक किलोमीटर लंबा ट्रैक बदलने की शुरुआत कर दी है। इसके लिए कैंट स्टेशन स्थित फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट में तैयार की गई 130-130 मीटर की पटरियां बुधवार को साइट पर पहुंचाई जाएंगी। प्लांट के सीनियर सेक्शन इंजीनियर डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि तैयार पटरियों को लोड किया जा चुका है। बुधवार को इन्हें खतौली पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे ब्लॉक लेकर ट्रैक दुरुस्तीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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खास बात
फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट में तैयार की गई पटरियां, बुधवार को पहुंच जाएंगी खतौली
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