उपभोक्ता फोरम ने रेलवे पर लगाया 18 हजार का जुर्माना
सहारनपुर। न्यू माधोनगर निवासी सुधीर कुमार पुंडीर ने आरोप लगाया है कि इंटरसिटी एक्सप्रेस के एसी कोच में दो सीटों का रिजर्वेशन कराया गया। लेकिन उस दिन ट्रेन में एसी कोच ही नहीं लगाया गया। जिस कारण उसे और उसकी बेटी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामलेे में न्यायालय जिला उपभोक्ता वाद प्रतितोष फोरम ने रेलवे पर 18000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
सुधीर कुमार पुंडीर ने आरोप लगाया है कि 3 अप्रैल 2016 को उसकी पुत्री की दिल्ली में परीक्षा होने के चलते उसने अपनी पुत्री और अपना आरक्षण इंटरसिटी के एसी कोच के लिए 29 मार्च को कराया था। जब 3 अप्रैल को इंटरसिटी ट्रेन में जाने के लिए पहुंचे तो ट्रेन में एसी कोच ही नहीं लगाया गया था। जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें उस दिन लेट होने के कारण इंटरसिटी में ही सारी भीड़ हो गई। जिस कारण उसकी और उसकी बेटी की तबियत खराब हो गई। दिल्ली पहुंचकर उन्होंने इसकी शिकायत की। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मामला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम न्यायालय में दायर किया गया।
न्यायालय ने विपक्षी से जवाब मांगा, जिसमें रेलवे की ओर से रेलवे के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक प्रोमिला गुप्ता की ओर से शपथ पत्र दिया गया कि 4 अप्रैल को तकनीकी खराबी के चलते एसी कोच नहीं लगाया गया था। जिसकी सूचना इंटरनेट पर जारी कर दी गई थी।
इस मामले में न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष लुकमानुलहक एवं सदस्य डाक्टर सनत कौशिक ने मामले की सुनवाई करते हुए रेलवे पर परिवादी को 15000 रुपये की क्षति पूर्ति 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से तथा 3000 रुपये परिवाद व्यय के रूप में जमा कराने का जुर्माना लगाया है। इसके लिए एक माह का समय दिया है। एक माह बाद 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय निर्धारित किया है।