परतापुर तिराहे पर पैड के उखाडने का काम शुरु
मेरठ/परतापुर। एक तरफ बारिश की वजह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रभावित हो गया है। वहीं, पेड़ों को शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिससे बारिश का पानी सूख जाने के बाद एक्सप्रेस-वे का कार्य तेज गति से कराया जा सके। इसकी शुरुआत परतापुर तिराहे से कर दी गई है। दिल्ली-देहरादून बाईपास के किनारे देहरादून की तरफ फोर्ड शोरूम के आगे तक लगे लगभग 123 पिलखन के पेड़ों को यहां से हटाकर संजय वन में लगाया जाएगा। इस बारे में एनएचएआई और वन विभाग के बीच प्लान तय हो गया था।
मंगलवार को परतापुर तिराहे से पेड़ों को शिफ्ट करने का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया गया। परतापुर तिराहा और भूडबराल के बीच बन रहे आरओबी से आठ इंटरचेंज दिए जाने हैं जो जाकर बाईपास पर मिलेंगे। इसी को देखते हुए बाईपास पर यातायात को सुगम बनाने के लिए सर्विस रोड बनाई जानी है। पेड़ों को शिफ्ट करने के लिए जेसीबी से हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बुधवार तक लगभग 30 पेड़ों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
पेड़ों को जिंदा रखना होगी चुनौती
एक तरफ एनएचएआई जड़ सहित पेड़ों को दूसरे स्थान पर लगाने के साथ इन्हें जिंदा रखने का दावा कर रहा है। लेकिन उसके ये दावे एक्सप्रेस-वे पर खोखले साबित हो रहे हैं। अच्छरौंडा और कांशी गांव के पास पेड़ों को हटाकर किनारे लगाया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद लगभग 70 पेड़ सूखने के कगार पर आ गए हैं। इन पेड़ों की पत्तियों पर फंगस जम गई हैं। इन 123 पेड़ों को भी जिंदा रखना वन विभाग और एनएचएआई अधिकारियों के सामने चुनौती भरा होगा।
अंडरपास के पानी से हाईवे क्षतिग्रस्त
परतापुर तिराहे पर बनाए जा रहे अंडरपास में बारिश का पानी लबालब हो गया है। जिसके चलते हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यह पानी बाहर सड़क तक आ गया है। जिससे सड़क टूटने लगी है। गड्ढा गहरा होने के चलते अधिकतम 15 दिनों तक बारिश के पानी के सूखने के आसार कम नजर आ रहे हैं।