बलवे में नामजद दलितों को छुड़वाएंगे भाजपाई
मेरठ।
डॉ. आंबेडकर जयंती शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन के साथ ही भाजपाई भी राहत की सांस ले रहे हैं। अब भाजपाइयों का फोकस दो अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद दलितों की नाराजगी को दूर करना है। इसके लिए इस उपद्रव में आरोपी बनाए गए तमाम ऐसे लोग जो अभी फरार हैं, उनको क्लीन चिट दिलाना है, ताकि दलितों के भीतर विश्वास कायम कर भाजपा के करीब लाया जा सके। इसके लिए शीर्ष नेतृत्व से भी निर्देश दिए गए हैं।
दो अप्रैल को हुए उपद्रव में पुलिस द्वारा करीब 98 मुकदमे दर्ज किए गए। 700 से ज्यादा को नामजद करते हुए पांच हजार से ज्यादा अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गई थी। इसमें करीब दो सौ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दलित वोट बैंक में सेंधमारी में जुटी भाजपा के प्रयासों को तगड़ा झटका लगा है। भाजपा सूत्रों के अनुसार इस उपद्रव के 700 से ज्यादा नामजद लोगों की सूची भाजपाइयों ने तलब की है। जिसमें स्वयं अपने स्तर पर भाजपा के दलित नेता व्यक्तिगत जांच करा रहे हैं। इसमें जो गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं, उनमें भी यदि कोई निर्दोष नजर आ रहा है और गलती से गिरफ्तार होकर जेल गया है, तो भाजपाई उसकी भी पैरवी करके उसे जेल से बाहर लाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाएंगे। वहीं जो नामजद फरार हैं, उनकी नामजदगी को भी खारिज कराने की कवायद में भाजपाई जुटे हैं।
दलित नेताओं को दी प्रमुख जिम्मेदारी
भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता इस पूरे काम पर लगाए गए हैं। राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, पूर्व विधायक रनवीर राणा, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी सहित विधायकों को भी लगाया गया है। ये लोग अपने स्तर पर संगठन पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर ऐसे नामजद आरोपियों की सूची तैयार कर रहे हैं, जो आंदोलन में यदि शामिल भी थे तो उनका उपद्रव से कोई सरोकार नहीं था। ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर डीएम और एसएसपी से वार्ता के बाद इनकी नामजदगी जांच रिपोर्ट में बाहर कराई जाएगी। इसके अलावा अज्ञात लोगों को लेकर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ भी भाजपा नेता अधिकारियों से वार्ता कर इस पर रोक लगाएंगे।
लगने लगी पंचायत
दलित नेताओं के साथ ही भाजपा के विधायकों के यहां भी अब पंचायतें लगनी शुरू हो गई हैं। नामजद किए गए आरोपियों के परिजन लगातार भाजपाइयों से नामजदगी दूर कराने की गुहार लगा रहे हैं। जिनकी सिफारिश में उस गांव या क्षेत्र के भाजपाई भी आ रहे हैं।