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मेडिकल कॉलेज पुरस्कार वितरण कार्यक्रम

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भावी चिकित्सकों को मिले 49 गोल्ड मेडल
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेडिकल कॉलेज में रविवार को भावी चिकित्सकों की धूम रही। उन्हें 49 गोल्ड मेडल, 165 प्रमाण पत्र और पांच चल वैजयंती प्रदान किए गए। रविवार को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस पर वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मेडिकल छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय केकुलपति प्रोफेसर गया प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसके गर्ग और डॉ. विनय अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित किया। कुलपति ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में तरक्की हो रही है। क्लोन तक बनने लगे हैं। उन्होंने भावी चिकित्सकों को आशीर्वाद दिया। प्राचार्य ने कहा कि 28 जनवरी का दिन इस महाविद्यालय के लिए विशेष महत्व का दिन है, क्योंकि आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती है, जिनकेनाम पर यह महाविद्यालय है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में चिकित्सकों के कुल 190 स्वीकृत पदों में से 42 पद रिक्त हैं। जिनके अभाव में महाविद्यालय और चिकित्साल्य की व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने में कठिनाई होती है। मेडिकल कॉलेज समाज के निर्बलतम वर्ग को भी सबसे उच्चकोटि की सभी प्रकार के रोगों की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता रहेगा।
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डॉ. पायल सिंह को मिले छह गोल्ड मेडल
फाइनल एमबीबीएस प्रोफेशनल पार्ट-2 में डॉ. पायल सिंह को छह गोल्ड मेडल, एक चल वैजयंती और सात प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वह अपने बैच 2012 परीक्षा में प्रथम स्थान पर रहीं। वह बनारस की रहने वाली हैं। वे पीडियाट्रिक्स के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। उन्हें त्रिलोक जैन मेमोरियल गोल्ड मेडल (एमबीबीएस के सभी विषयों में सबसे अधिक अंक लाने के लिए), सोभाग्यमति देवी त्यागी गोल्ड मेडल, एसके गोयल मेमोरियल गोल्ड मेडल, डॉ. केपी निगम, रनिंग ट्रॉफी (सर्वश्रेष्ठ महिला छात्रा को प्रदान की जाती है) मिली है।

डॉ. गरिमा शर्मा को दो गोल्ड, छह प्रमाण पत्र
2012 बैच की डॉ. गरिमा शर्मा दो गोल्ड मेडल और छह प्रमाण पत्र के साथ फाइनल एमबीबीएस प्रोफेशनल पार्ट-2 में द्वितीय स्थान पर रहीं। उन्हें नोशीर मुल्क ईरानी चल वैजयंती (बेस्ट ऑल राउंडर स्टूडेंट ऑफ द ईयर) भी प्रदान की गई। वह मथुरा की रहने वाली हैं। वह गायनिक के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। इसी बैच की प्रज्ञा करगेती को दो गोल्ड मेडल और चार प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

अक्षत, ऋचा, तान्या, अभया, सार्थक और आकाश भी चमके
फाइनल एमबीबीएस प्रोफेशनल पार्ट-1 में अक्षत पांडे को दो गोल्ड मेडल और चार प्रमाण पत्र लेकर प्रथम स्थान पर रहे। वह बरेली के रहने वाले हैं। आकाश गोयल एक गोल्ड मेडल और चार प्रमाण पत्र प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे। एमबीबीएस द्वितीय प्रोफेशनल में ऋचा सिंघल और तान्या गोयल प्रथम स्थान पर रहीं। ऋचा सिंघल को तीन गोल्ड मेडल और चार प्रमाण पत्र एवं तान्या गोयल को दो गोल्ड मेडल और तीन प्रमाण पत्र प्रदान किए। एमबीबीएस प्रथम प्रोफेशनल में प्रथम स्थान अभया शर्मा को मिला। उन्हें तीन गोल्ड मेडल और पांच प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसी प्रोफेशनल में सार्थक शर्मा का द्वितीय स्थान रहा।

सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए मिले पुरस्कार
स्नातकोत्तर परीक्षाओं में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए नेत्र विभाग में डॉ. प्रणव कुमार, मेडिसिन विभाग में डॉ. आयुष अग्रवाल, बाल रोग विभाग में डॉ. कुशाल अग्रवाल, सर्जरी विभाग में डॉ. प्रशांत चौहान, चर्म रोग विभाग में डॉ. अजय मोहन और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में डॉ. इति मदान को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

अनुभूति मोस्ट चीयरफुल गर्ल
बैच 2013 में अनुभूति भारद्वाज को मोस्ट चीयरफुल गर्ल के लिए डॉ. ऊषा शर्मा चल वैजयंती और अक्षत पांडे को मोस्ट चीयरफुल ब्वॉय के लिए डॉ. दिनेश जौहरी चल वैजयंती प्रदान की गई।

मेडिकल कॉलेज दे चुका 6945 चिकित्सक
मेरठ। मेडिकल कॉलेज की स्थापना सन् 1966 में हुई थी, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने की थी। यहां से 6945 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर चुकेहैं। इसके अलावा विभिन्न विषयों में 3043 से अधिक विद्यार्थी स्नातकोत्तर और 25 विद्यार्थी सुपरस्पेशलिटी पाठ्यक्रम-डीएम, एन्डोक्राइनोलॉजी की डिग्रियां प्राप्त कर चुके हैं। पिछले साल यहां लगभग 6 लाख 87 हजार 561 मरीजों की ओपीडी में देखा गया, 28832 रोगी भर्ती किए गए, जबकि 17989 मेजर एवं माइनर सफल ऑपरेशन किए गए।
पिछले साल मेडिकल कॉलेज केचिकित्सकों ने कई पुरस्कार जीते। इनमें डॉ. एसकेगर्ग को प्रोफेसर बीजी प्रसाद ओरेशन अवार्ड मिला। इस संस्था के एसपीएम विभाग को वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक-2017 के सफल आयोजन के लिए राज्य स्तर पर बेस्ट परफॉरमेंस अवार्ड मिला। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा डॉ. उर्मिला, डॉ. प्रियंका गर्ग, डॉ. अरुणा वर्मा को फेलोशिप अवार्ड मिला। जेआर डॉ. अनु सिंह ने फॉग्सी 2017 एवं यूपीसीओ जी 2017 में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। डॉ. सबा आफरीन, डॉ. श्वेता जेआर को यूपीसीओजी 2017 में पेपर प्रस्तुति पर गोल्ड मेडल मिला। डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक, डॉ. टीवीएस आर्या, मोनिका शर्मा आदि को भी अपने-अपने क्षेत्र में पुरस्कार दिए गए। डॉ. अरविंद यादव, ओपी खंदूरी, डॉ. जायसवाल, डॉ. रियाज अहमद आदि ने भी पुरस्कार प्राप्त किए।

36 रिसर्च पेपर प्रस्तुत, 126 प्रकाशित
मेडिकल केविभिन्न विभागों के वरिष्ठ और कनिष्ठ चिकित्सकों द्वारा राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कांफ्रेंस और कार्यशालाओं में 36 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। विभिन्न जरनल्स में 126 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए। लेक्चर थियेटर और केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण कराया जा रहा है। चार पीजी सीट्स बढ़ाने को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। डिप्लोमा फार्मेसी कोर्स को उच्चीकृत कर बी फार्मा डिग्री इसी वित्तीय वर्ष में शुरू की जाएगी। 33 चिकित्सा शिक्षकों को मिली पदोन्नति मिली है। इस साल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर होगा तैयार।
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ये रहे मौजूद
डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. आरपी शर्मा, डॉ. चौधरी ललिता, डॉ. परवेज अहमद, डॉ. धीरज राज, डॉ. सुभाष दहिया, डॉ. विभू साहनी, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. डीवी सिंह, डॉ. लोकेश कुमार, डॉ. जयंती प्रसाद, ओमपाल, अमित, अली, सुशील, राजकुमार और रेखा आदि रहे। संचालन डॉ. सीमा जैन ने किया।

खास बात
मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस पर आयोजित हुआ पुरस्कार वितरण समारोह
165 प्रमाण पत्र और पांच चल वैजयंती भी दिए गए
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