जेल का गेट खोले जाने के मसले में फंस सकते हैं योगेश
- भाजपाइयों की शिकायत पर मंडलायुकत ने बैठायी जांच
- एक -दो दिन में आनी है जांच रिपोर्ट
- जांच में जेल अधिकारियों के साथ ही योगेश वर्मा पर भी होगी सख्ती
मेरठ।
जिला कारागार में बंद बसपा कार्यकर्ताओं से मिलने गये योगेश वर्मा के लिए जेल का बड़ा गेट खोले जाने का मामला तूल पकड़ सकता है। इस मामले में भाजपाइयों की शिकायत पर मंडलायुक्त ने जांच बैठा दी है। जिसकी रिपोर्ट एक दो दिन में आ सकती है। इस मामले में जेल अधिकारियों के साथ ही योगेश वर्मा पर भी सख्ती की चर्चा है।
पूर्व विधायक योगेश वर्मा 5 दिसंबर को जिला कारागार में बंद बसपा के उन कार्यकर्ताओं से मिलने गये थे, जिन्हें पुलिस ने मतगणना के बाद हुए बवाल में गिरफ्तार किया था। इस दौरान जेल कर्मियों ने योगेश वर्मा के लिए जेल का बड़ा गेट खोल दिया था, जो नियम विरुद्ध था। जेल अधिकारियों का कहना था कि उन्हें महापौर के आने की जानकारी दी गयी थी। इस मामले में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अजीत चौधरी ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। चौधरी का कहना था जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि महापौर के आने की झूठी सूचना किसने जेल प्रशासन को दी। इस पूरे मामले पर मंडलायुक्त ने सख्त रवैया अपनाते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये थे। जेल अधिकारियों के बयानों के बाद जांच रिपोर्ट लगभग तैयार हो चुकी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट के आधार पर जहां उस समय उपस्थित जेल अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है, वहीं जांच रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य सामने आये हैं, जिसमें योगेश वर्मा पर भी सख्ती हो सकती है।