चालक नहीं चाहते निगम वाहनों पर लगे जीपीएस
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नगर निगम के वाहन डिपो सहित अन्य सभी गाड़ियों से डीजल चोरी रोकने के लिए लगाए जा रहे जीपीएस को कई वाहन चालक नहीं लगने दे रहे हैं। निगम प्रशासन द्वारा चयनित कंपनी के कर्मचारी वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) लगाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन वाहन चालक हैं कि उन्हें मौके पर मिलते ही नहीं हैं। इसकी रिपोर्ट कंपनी की तरफ से निगम प्रशासन को दी गई है।
नगर निगम में कुल 166 गाड़ियां हैं। इनमें कूड़ा गाड़ी ही नहीं बल्कि अधिकारियों की गाड़ी भी शामिल हैं। प्रतिमाह निगम की गाड़ियों पर डीजल खर्च लाखों में होता है। इन गाड़ियों से डीजल चोरी के आरोप आए दिन लगते रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार निगम की बोर्ड में हंगामा हुआ। जीपीएस लगाकर डीजल चोरी रोकने की मांग की गई। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के निर्देश पर नगर निगम के वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया गया। एक माह पहले कंपनी ने काम शुरू कर दिया। लेकिन अभी तक 116 गाड़ियों में ही जीपीएस लग पाया है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा निगम प्रशासन को दी गई रिपोर्ट पर गौर करें तो लगभग 50 गाड़ियों में चालक जीपीएस लगने नहीं दे रहे हैं।
जीपीएस से पकड़ी जाएगी चोरी
- जीपीएस से स्पष्ट होगा कि गाड़ी कितने किलोमीटर चली।
- एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में गाड़ी कितने स्थानों पर रुकी।
- गाड़ी कितने का एवरेज दे रही है।
गाड़ियों पर जीपीएस लगाए जा रहे हैं। हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं पहुंची है कि चालक गाड़ी में जीपीएस लगवाने से इंकार कर रहे हैं। यह बात सही है कि कुछ गाड़ियों में जीपीएस लगना बाकी है।
डा. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
खास बातें
वाहनों में सिस्टम लगाने के लिए चक्कर काट रहे चयनित कंपनी के कर्मचारी
नगर निगम की कुल 166 गाड़ियों में से 116 में ही लग पाए हैं जीपीएस