परीक्षितगढ़। कस्बा निवासी स्कूटी सवार 12 वर्षीय स्कूटी सवार छात्र जैद की बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। परीक्षितगढ़-मेरठ मार्ग गौरी विद्यापीठ स्कूल के समीप बाइक ने सामने से स्कूटी में टक्कर मारी। हादसे के बाद बाइक चालक मौके से भाग गया। मेरठ जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लोगों का आरोप है कि पुलिस ने छात्र को अस्पताल ले जाने में देरी की। हालांकि परिजन बिना कानूनी कार्रवाई के शव को अपने साथ ले आए। जैद परिवार का इकलौता बेटा था।
परीक्षितगढ़ कस्बे के मोहल्ला बजरिया सुभाष चौक निवासी जाहिद का 12 साल का बेटा जैद कस्बे में जामियातुल सालिहात मदरसे में कक्षा 7 में पढ़ता था। बृहस्पतिवार दोपहर परीक्षितगढ़ मेरठ मार्ग स्थित एक फार्म हाउस में अपने परिवार के साथ शादी समारोह में गया था। खाना खाने के बाद स्कूटी से गांव इकला रसूलपुर अपनी मौसी को बुलाने जा रहा था। जैसे ही वह गौरी विद्यापीठ स्कूल के सभी पहुंचा तो सामने से आ रहे बाइक सवार ने उसकी स्कूटी में सामने से टक्कर मार दी। हादसे में वह घायल हो गया।
सूचना पर पुलिस ने घायल जैद को एंबुलेंस से सीएचसी भिजवाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने मेरठ अस्पताल की रेफर कर दिया। परिजन जैसे ही अस्पताल लेकर पहुंचे चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर लगने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बिना कानूनी कार्रवाई के शव को वापस अपने साथ ले आए। उसकी मौत से मां फरीन, पिता जाहिद, बहन सोफिया मुस्कान के अलावा अन्य परिजनों का रोकर बुरा है।
20 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस, तमाशबीन बनी पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल जैद को उपचार दिलाने के बजाय तमाशबीन बन गई और एंबुलेंस का इंतजार करने लगी। लगभग 20 मिनट बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो बच्चे को उपचार के लिए सीएचसी पर भिजवाया। पुलिस बच्चों को तुरंत उपचार के लिए ले जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी। सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों ने हादसे के संबंध कोई तहरीर नहीं दी है।