दिल्ली रोड पर रामलीला मैदान के सामने हुआ हादसा
दोनों घायलों को केएमसी अस्पताल से दिल्ली रेफर किया
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। दिल्ली रोड पर दिन में नो एंट्री लागू होने के बाद भी थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भारी वाहनों को रोक नहीं पा रही है। शनिवार दोपहर रामलीला मैदान के सामने ओवरलोड ट्रक ने दो युवकों को चपेट में ले लिया। दोनों के पैर कुचल गए। गंभीर हालत में दोनों युवकों को केएमसी अस्पताल से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
दिव्यांशु तोमर और चेतन मल्होत्रा अमर उजाला में कार्यरत हैं। दोपहर करीब सवा दो बजे वह ऑफिस से निकले थे। रामलीला मैदान के सामने पहुंचे तो ओवरलोड ट्रक की टक्कर लगने पर सड़क पर जा गिरे। जिसके बाद ट्रक का अगला पहिया चेतन और दिव्यांशु के दाहिने पैरों को कुचलते हुए निकल गया। इस दौरान आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो आरोपी चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया।
तड़पते रहे लहूलुहान युवक
दोनों युवक लहूलुहान हालत में करीब पांच मिनट तक ट्रक के नीचे ही तड़पते रहे। इस दौरान आसपास के लोग मोबाइल फोन से घायलों की वीडियो बनाते रहे। जबकि बुरी तरह से घायल दोनों युवक वहां जमा लोगों से जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, ताकि उनकी जान बच जाए। सूचना पर इंस्पेक्टर टीपी नगर प्रमोद गौतम और इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी बृजेश शर्मा मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। शाम को दोनों युवकों को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि राजस्थान नंबर का ट्रक जयपुर निवासी पिंकी के नाम है। ट्रक कब्जे में ले लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
नो एंट्री में कैसे घुसा ट्रक
25 दिसंबर 2017 को शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री का सख्ती से पालन होना शुरू हुआ था। हालांकि ट्रांसपोर्टरों की मांग पर टीपी नगर गेट तक ट्रैफिक पुलिस ने नो एंट्री में छूट दी थी। लेकिन दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक नो एंट्री लागू रखी। लेकिन शनिवार दोपहर दो बजे ट्रक रामलीला मैदान तक पहुंच गया और पुलिस गायब थी।
हादसों का बन रहे सबब
शहर में जहां भी भारी वाहन दौड़ रहे हैं, वहीं हादसे हो रहे हैं। पुलिस-प्रशासन भी चुप्पी साध लेता है। 18 जून 2017 में पीवीएस रोड पर ट्रक ने 14 वर्षीय छात्रा कनक को कुचल दिया था। हादसे में छात्रा के साथ उसके दादा की भी मौत हुई थी। दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों से भी हादसे हो रहे हैं।