सरकारी राशन की कालाबाजारी की खुली पोल
मेरठ। प्रदेश में अब सरकारी राशन की कालाबाजारी खुलकर सामने आ गई है। बड़े स्तर पर खारिज हुए फर्जी राशन कार्ड से यह साबित हो गया है कि गरीबों के राशन पर जमकर लूट हुई। उधर, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ में अवैध राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी राशन कालाबाजार में भेजे जाने के आरोप लगाए हैं।
सूबे में भाजपा की सरकार आते ही भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने राशन की कालाबाजारी की शिकायत की थी। इसके बाद जनपद के सैकड़ों फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए। साथ ही शासन ने एसआईटी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी। हालांकि अभी जिला पूर्ति विभाग ने एसआईटी को जांच से संबंधित दस्तावेज नहीं दिए हैं। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि पूरे प्रदेश में प्रतिमाह 98 करोड़ रुपये के राशन की कालाबाजारी होती है। जिसको रोकने के लिए भाजपा ने कदम उठाया है। मेरठ में सरकारी गेहूं की कालाबाजारी का मामला वह पूर्व में उठा चुके हैं। जिसपर जांच भी बैठी है। अगर जिला पूर्ति विभाग तीन अक्तूबर तक एसआईटी को अभिलेख नहीं सौंपता है तो वह स्वयं डीएसओ कार्यालय में डेरा डालेंगे।
खास बात
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बोले, हमने मेरठ का भी उठाया था मामला