मेरठ। महिला जिला अस्पताल में मंगलवार को छह दिन का बच्चा माहिद और उसकी मां आसमां बाल-बाल बच गए। जच्चा बच्चा वार्ड में सुबह करीब पौने छह बजे छत का पंखा बेड पर आ गिरा। गनीमत रही कि आसमां की ननद नसरीन ने पंखे को गिरते हुए देख लिया। आसमां को उसने वहां से हटा दिया और अपनी जान की परवाह किए बगैर बच्चे के ऊपर लेट गई। पंखा उसके कंधे और हाथ पर लगा, जिससे वह घायल हो गई।
नसरीन की मां परवीन ने बताया कि उनका परिवार हापुड़ रोड जैदी फार्म के पास मंजूर नगर का रहने वाला है। नसरीन का एक्सरे कराया गया है, उसका मांस फटा हुआ आया है। बताया कि अगर उनकी बेटी पंखा को गिरते हुए नहीं देखती तो हादसा बड़ा हो सकता था। इस दौरान तेज आवाज सुनकर काफी लोग जमा हो गए। उन्होंने हंगामा कर इसका विरोध भी किया। इस संबंध में महिला अस्पताल की एसआईसी (प्रमुख अधीक्षक) डॉ. मंजू मलिक का कहना है कि अस्पताल में लगे पंखों को चेक किया जाता है। पंखा का कोई बोल्ट ढीला हो गया होगा, जिससे वह गिरा। किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है। पंखे को बदलवा दिया गया है। वहीं, महिला अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने वाला है। एसआईसी ने बताया कि उम्मीद है कि अक्तूबर में अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा।
मेडिकल में सीलिंग गिरी
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में भी मंगलवार सुबह सीलिंग गिर गई। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया। हालांकि सीलिंग अल्ट्रासाउंड मशीन पर गिरी, जिससे मशीन खराब होना बताया गया।