सोमवार को दिव्यांग और महिला लिपिकों को छोड़कर बाकी सभी लिपिकों के कर दिए थे तबादले
यहां के लिए भेजे गए बाबुओं ने अभी तक नहीं लिया चार्ज
पटल पर काम नहीं होने से लोग परेशान, तालाब में तब्दील हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे आरटीओ में लोगों का कार्य बाधित हो रहा है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के पास समय से न तो आरसी पहुंच रही है और न ही डीएल पहुंच पा रहे हैं। तबादले के बाद आने वाले बाबुओं ने अभी तक कार्यालय पहुंचकर चार्ज नहीं लिया है।
पिछले तीन महीने से आरटीओ का हाल बेहाल है। तमाम विवादों और आरोप व प्रत्यारोप के बीच सोमवार को परिवहन आयुक्त ने दिव्यांग और महिला बाबुओं को छोड़कर बाकी सभी बाबुओं के तबादले कर दिए थे। इनके स्थान पर गाजियाबाद, सहारनपुर, हापुड़ और नोएडा आदि के बाबुओं को भेजा गया है। लेकिन इन सभी बाबुओं ने अभी तक चार्ज नहीं लिया है। बाबुओं की कमी के चलते पटल पर काम की फाइलों के ढेर लगने लगे हैं और लोगों की सुबह से दोपहर तक भीड़ लगी रहती है। आरसी और डीएल की पेंडेंसी लगतार बढ़ती जा रही है।
तालाब बना फिटनेस पार्क, उठ रहे सवाल
बारिश के पानी से फिटनेस पार्क तालाब में तब्दील हो गया है। इसके चलते यहां आने वाली गाड़ियों की फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं कि बिना प्रॉपर चेकिंग के किस आधार पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। फिटनेस पार्क से जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को फिटनेस के लिए पहुंची गाड़ियों को भी फौरी औपचारिकता के बाद सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए।
लिपिकों के समायोजन के तहत यहां से 12 लिपिकों का तबादला हुआ है। जबकि इनके बदले में 7 लिपिक मिले हैं। उन्होंने भी अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। लिपिकों की कमी के चलते काम कराने में दिक्कत हो रही है। सोमवार तक सभी के आने पर काम में तेजी आ जाएगी। डॉ. विजय कुमार, आरटीओ