बारिश से आई त्वचा रोगों की ‘बाढ़’
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बारिश केबाद बढ़ी उमस से त्वचा रोग के मरीजों में की संख्या में वृद्धि हो गई है। खासतौर पर फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय संक्रमण) बढ़ रहा है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहले जहां आमतौर पर त्वचा रोग की ओपीडी 125-150 थी, यह अब बढ़कर 300 के पार पहुंच चुकी है। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं।
बारिश व नमी केमौसम में फंगल इंफेक्शन आम है। हाथ-पैर, कोहनी, पैर के पंजे और जांघ में होने वाले संक्रमण से ज्यादा परेशानी होती है। जिला अस्पताल की पिछले तीन दिन की ओपीडी पांच हजार से ज्यादा है, इनमें त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या 900 के पार है। वहीं, मेडिकल कॉलेज की ओपीडी पिछले तीन दिनों में आठ हजार से ज्यादा है, यहां त्वचा रोग के मरीजों की तादाद 1200 से अधिक पहुंच गई है। इस संबंध में जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ जेपी सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें काफी मरीज फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय त्वचा संक्रमण) के भी हैं। गंदगी और साफ-सफाई पर ध्यान न देने के कारण फंगल इंफेक्शन अधिक होता है। बारिश के मौसम में ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है।
ये हैं संक्रमण
त्वचा पर दाने या चकते पड़ना
त्वचा में खुजली व सूजन
जलन के साथ त्वचा का लाल होना
खुजली के साथ दाने पड़कर पस पड़ जाना
ऐसे करें बचाव
बारिश के पानी में भीगने से बचें।
बारिश में भीग जाएं तो साफ पानी से नहाएं।
ज्यादा देर तक शरीर को गीला न रहने दें।
पसीना ज्यादा आता हो तो दिन में एक से दो बार नहाएं।
फंगल इंफेक्शन से पीड़ित रोगी के कपड़े, कंघी, चप्पल का इस्तेमाल न करें।
गीले कपड़े पहनने से बचें।
त्वचा संबंधी रोग होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
खास बातें
मेडिकल और जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़े मरीज, पहले आते थे 125-150 मरीज, अब 300 पार