केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई आयुष्मान का लाभ पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। अब चुनाव आचार संहिता का लाभ उठाते हुए माफिया ने भी इसमें फर्जीवाड़ा शुुरू कर दिया। नगर में पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये में फर्जी आयुष्मान कार्ड बेखौफ बनाए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि गरीब लोग भी चिकित्सा का लाभ ले सकें। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई है। इसमें जिस व्यक्ति के पास यह कार्ड है वह पांच लाख रुपये की चिकित्सा निशुल्क ले सकता है। इसमें सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कुछ प्राइवेट अस्पताल भी शामिल हैं। ये कार्ड पात्रों को नहीं मिलकर ऐसे काफी लोगों के बन गए हैं तो पूरी तरह से सक्षम हैं। इन कार्डों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाया जा रहा था। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल इनके निर्माण पर रोक है। जिसका लाभ माफिया ने उठाना शुरू कर दिया है। नगर में माफिया द्वारा भोले-भाले लोगों को गुमराह कर पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक में फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। हालांकि नगर में यह काम खुलेआम किया जा रहा है। एक व्यक्ति फर्जी कार्ड लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। इस पर चिकित्सकों ने कार्ड फर्जी बताकर इतिश्री कर ली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अरुण कुमार से इस मामले में उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति कार्ड लेकर आया था। जिसको बता दिया था कि कार्ड फर्जी है। उससे कार्ड बनाने वाले का नाम पता पूछा गया था, लेकिन वह बिना बताए चला गया था।
वर्जन
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो सीएमओ आफिस की कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई भी कराई जाएगी।