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चौराहे बने पार्किंग, कैसे सुधरे यातायात व्यवस् था

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चौराहे बने पार्किंग, कैसे सुधरे यातायात व्यवस्था
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शहर के मुख्य चौराहों पर ऑटो व ई रिक्शा चालकों की मनमानी
बीच चौराहे पर वाहन खड़े और पुलिस नहीं करती कार्रवाई
गुरुग्राम की कंपनी कर रही है यातायात प्लान पर सर्वे

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर जहां गुरुग्राम की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी की टीम मेरठ में दो दिन से सर्वे रही है। वहीं ऑटो और ई रिक्शा चालकों ने चौराहों को पार्किंग बना दिया है। शहर लगातार जाम से जूझ रहा है। कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जबकि मुख्य स्थानों से प्रत्येक दिन औसतन साढ़े तीन लाख से चार लाख वाहनों का आवागमन होता है।
शहर के चौराहों पर देखकर लगता है कि यह चौराहे नहीं बल्कि ऑटो या ई रिक्शा की पार्किंग है। शहर के बीचोबीच हापुड़ अड्डा चौराहे पर चालकों ने ई रिक्शा और ऑटो खड़े कर चौराहे को पार्किंग जैसी स्थिति में ला दिया है। जबकि पास में ट्रैफिक पुलिस भी चेकिंग करती है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि वाहन निकालना तो दूर यहां पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। कई बार ट्रैफिक पुलिस अतिक्रमण, अवैध ई रिक्शा, ऑटो पर कार्रवाई करने के लिए अभियान भी चला चुकी है। लेकिन तीन या चार दिन में यह अभियान भी बंद हो जाता है। ऐसा ही हाल जीरो माइल चौराहा और बेगमपुल का है। यहां भी बीच सड़क पर अवैध तरीके से ई रिक्शा और ऑटो खड़े होने से जाम लगता है।
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गुरु ग्राम की कंपनी कर रही है सर्वे
गुरुग्राम की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) शहर की यातायात व्यवस्था को को लेकर पिछले दो दिन से सर्वे कर रही है। पूर्व में इस कंपनी ने प्रयागराज में एसएसपी नितिन तिवारी के निर्देश पर सर्वे तैयार कर यातायात व्यवस्था के लिए प्लान तैयार किया था। जिस प्लान पर सबंधित विभागों को एक साल तक काम करना पड़ा और प्रयागराज की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ।
अब एसएसपी नितिन तिवारी के निर्देश पर मेरठ में बुधवार से सर्वे किया जा रहा है। अभी तक सर्वे टीम में दो सदस्य हैं, जल्द ही गुरुग्राम से एक अन्य टीम भी मेरठ में ट्रैफिक प्लान का सर्वे करेगी।
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हापुड़ अड्डा चौराहे के अलावा कई अन्य चौराहों पर भी सर्वे किया। लेकिन टीम खुद जाम की हालत देखकर हैरान है। क्योंकि सड़क पर अवैध वाहन भी बड़ी मुसीबत बन रहे हैं। एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि जल्द ही यह टीम सर्वे रिपोर्ट एसएसपी को सौंप देगी। जिसके बाद कंपनी के प्लान को अगले सप्ताह मंडलायुक्त की बैठक में रखा जाएगा।
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