शहर की सफाई व्यवस्था कार्य योजना में ‘दफन’
नगर निगम के अधिकारी हर माह बनाते हैं सफाई के लिए कार्य योजना
नहीं करते सख्ती से लागू, मनमानी करते हैं कर्मचारी, भुगत रहा शहर
मेरठ। शहर की सफाई व्यवस्था कार्य योजना में पिसकर रह गई है। नगर निगम के अधिकारी हर दूसरे माह प्लानिंग बनाते हैं, कर्मचारियों के हिसाब से स्थान निश्चित किए जाते हैं, बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने का नियम बनाया जाता है। लेकिन सब धरे रह जाते हैं। अधिकारी नियमों को सख्ती से लागू नहीं करा पाते। कर्मचारी भी मनमानी करते हैं। जिससे शहर की सफाई व्यवस्था गड़बड़ा जाती है।
सिमटकर रह जाता है आदेश
कार्य योजना और आदेश केवल सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायक के बीच ही फंस कर रह जाते हैं। यही कारण है कि योजना के अनुरूप शहर की सफाई नहीं हो पा रही है। निगम के खजाने की सफाई लगातार हो रही है। बार-बार नगर निगम की बोर्ड बैठकों में भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं। अधिकारी हर बार सुधार की बात कहकर बोर्ड बैठक का कोरम पूरा करते हैं। लेकिन बाद में स्थिति रहती है। जिसकी सच्चाई स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रिपोर्ट में भी सामने आ गई।
40 वार्डों में नहीं लगती बायोमेट्रिक हाजिरी
जनवरी में निगम के 90 वार्डों में बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए मशीनें लगायी गई थीं। मशीनों से हाजिरी लेने की जिम्मेदारी सफाई नायक को सौंपी गई थी। जिनकी निगरानी रखने का काम सफाई इंस्पेक्टर को दिया गया। पहले माह अधिकतर वार्डों में बायोमेट्रिक मशीन से सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगी। लेकिन उसके बाद वार्डों में लगी मशीनों को तोड़ने और खराब करने का क्रम जारी हुआ। कुल मिलाकर निगम के 25 वार्डों की मशीनें खराब हैं। 15 मशीनें तोड़ दी गईं। महानगर के 50 वार्डों के सफाई कर्मचारी लगातार बायोमेट्रिक मशीनें से हाजिरी दे रहे हैं। लेकिन 40 वार्ड ऐसे हैं जिनके सफाई कर्मचारियों का वेतन मस्टररोल के अनुसार ही निकाला जा रहा है।
इसी सप्ताह 40 वार्डों में लगाईं जाएंगी मशीनें
निगम प्रशासन ने 40 वार्डों में नए तरीके से बायोमेट्रिक मशीन लगाने का निर्णय लिया है। दोनों आउट सोर्स कंपनियों के साथ बैठक हो चुकी है। इसी सप्ताह नई मशीनें वार्डों में भेजने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि अगर भविष्य में मशीनों को तोड़ा जाता है तो उसकी कीमत की भरपाई उसी वार्ड के कर्मचारियों के वेतन से होगी। अगले अप्रैल का वेतन बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी के आधार पर ही दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
लागू होगा बीट चार्ट
नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए सभी वार्डों में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी और प्रत्येक सफाई कर्मचारी का बीट चार्ट जारी होगा, ताकि प्रत्येक सफाई कर्मचारी की जवाबदेही तय की जा सके। पार्षद शहर में गंदगी की बार बार शिकायत कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर संबंधित सफाई कर्मचारी से जवाब तलब किया जाएगा।