बंधक बनाकर परिवार पर कहर बरपाया
- तसल्ली से वारदात की, घर में ही धोए खून से सने हाथ
- पुलिस घर पहुंची तो आसानी से किया आत्मसमर्पण
मेरठ। सोमवार को सुबह के 10 बजे थे। अधिवक्ता मनोज शर्मा अपने कार्यालय चले गए थे। छात्रा दर्शिता, उसकी मां पिंकी और छोटी बहन गुणिता शादी को लेकर कमरे में बैठे बातचीत कर रहे थे। पड़ोस का एक बच्चा भी उनके पास बैठा था। तभी सिरफिरा दीपक गुर्जर उनके घर में पहुंचा। दीपक ने मेन गेट पर अंदर से ताला लगा लिया और कमरे में पहुंच गया। उसके हाथ में पिस्टल और खुखरी देखकर मां-बेटी चिल्लाने लगीं। इससे पहले वह कुछ करतीं दीपक ने दर्शिता पर गोली चला दी। मां और बहन ने बचने का प्रयास किया तो दीपक ने उन पर गोली चला दी। एक गोली गुणिता के पैर में लगी। उसके बाद दर्शिता पर खुखरी से वार किया।
भैया ने दीदी को मार दिया।
इस दौरान पड़ोस का बच्चा किसी तरह वहां से भागकर मेन गेट पर पहुंचा तो वहां ताला लगा था। पुलिस के अनुसार बच्चे ने बयान में बताया कि वह काफी हड़बड़ाहट में था। उसने ताले पर जोर से हाथ मारा तो पता नहीं कैसे ताला खुल गया। उसने गली में पहुंचकर शोर मचाया कि दीपक भैया ने दीदी को मार दिया। इतना सुनकर मोहल्ले का एक व्यक्ति दर्शिता के घर में पहुंचा। फिर लोगों का हुजूम लग गया।
अंकल आप जाओ, नहीं तो...
पड़ोसी व्यक्ति जैसे ही दर्शिता के घर में पहुंचा, तो वहां दीपक के हाथ में पिस्टल और खुखरी देखकर कहा कि बेटा दीपक छोड़ दे... यह गलत हरकत है। इतना सुनकर दीपक बोला, अंकल आप यहां से जाओ, नहीं तो मुझे आपकी भी हत्या करनी पड़ेगी। वह व्यक्ति वहां से मुड़ा ही था कि तभी दीपक ने एक गोली दर्शिता को फिर मारी। फिर पिस्टल में मैगजीन बदलने लगा।
दीपक को दबोचा, पिस्टल छीनी
पड़ोसी व्यक्ति ने बहादुरी का परिचय दिया। मैगजीन बदलते समय दीपक को दबोच लिया। पिस्टल व खुखरी छीन ली। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे तो हत्यारोपी दीपक खुद को छुड़ाकर घर की छत से होते हुए अपने घर पहुंच गया।
हत्या के बाद हाथ भी धोए
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हत्या करने के बाद दीपक ने दर्शिता के घर में ही खून से सने हाथ धोए। गंगानगर पुलिस जब दीपक के घर पहुंची तो आरोपी ने खुद वारदात करने की बात कहकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बताया कि वह दर्शिता को ही मारने गया था।