20 कैरेट स्वर्णभूषण को मिले हॉलमार्किंग मान्यता
- आज सांसद से मिलेंगे मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के सदस्य
- सराफा कारोबारियों में रोष, सरकार वापस ले फैसला
मेरठ। सरकार द्वारा 20 कैरेट सोने के आभूषणों को हॉलमार्क मान्यता से खत्म करने के फैसले पर सराफा कारोबारियों में रोष है। एशिया की सबसे बड़ी सोनामंडी के सराफा कारोबारियों की मांग है सरकार अपना फैसला वापस ले। हजारों कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे और बाजार में दो नंबर क ा कारोबार बढ़ेगा। इस संबंध में शुक्रवार मेरठ बुुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के सदस्य संासद राजेंद्र अग्रवाल से मिलकर अपनी मांग रखेंगे।
कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने 20 कैरेट के गहनों को हॉलमार्किंग से हटाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में 28 फरवरी को कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान ने देशभर के सराफा कारोबारियों के साथ बैठक भी बुलाई है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल कारोबारियों की बात रखें। एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि 20 कैरेट सोने में 83.33 टंच शुद्धता होती है इसमें दस्तकारी, मीनाकारी अच्छे से होती है। हाथ के काम से गहना बनता है। हजारों कारीगरों को रोजगार मिलता है। लेकिन 22 कैरेट सोने में 91.6 टंच शुद्धता होती है, वनस्पति भारी होता है। इसमें हाथ से काम नहीं हो सकता। यह सोना केवल मशीन से ही डिजायन हो सकता है। मशीन से काम होने के कारण हजारों कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा। 22 कै रेट में वजन अधिक होने से इससे बनने वाले गहने स्किन कैंसर का भी कारण होते हैं। सरकार 22,18,14 कैरेट को मान्यता देने की तैयारी में है। जबकि 20 कैरेट से मान्यता खत्म कर रही है।