महिला अधिवक्ता पर ओथ कमिश्नर की सूची फाड़ देने का आरोप
महामंत्री ने बैठक में महिला अधिवक्ता की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पास कराया
अध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर निर्णय को निरस्त करने की जानकारी दी
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। बार एसोसिएशन की मीटिंग महामंत्री द्वारा मंगलवार को बुलाई गई। इसमें एक महिला अधिवक्ता द्वारा ओथ कमिश्नर की सूची एजेंडा रजिस्टर से फाड़ देने का आरोप लगाया। मीटिंग में बार अध्यक्ष एवं महामंत्री समेत तमाम कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। वहीं, महिला अधिवक्ता मीटिंग के खत्म होने से पूर्व ही चली गई। इस पर महिला अधिवक्ता की सदस्यता खत्म करने का यूपी बार काउंसिल को प्रस्ताव भेजा। उधर, मीटिंग के बाद बार अध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर महामंत्री द्वारा बुलाई मीटिंग और उसमें किए निर्णय को अवैध बताया। इस पर बार अध्यक्ष एवं महामंत्री आमने-सामने आ गए हैं।
बार एसोसिएशन के महामंत्री नवनीत गौतम ने बताया कि सिविल जज जूनियर डिविजन के कार्यालय से ओथ कमिश्नर सूची 2019 सूची प्राप्त हुई। जिसकी अग्रिम कार्रवाई के लिए एजेंडा रजिस्टर के साथ संलग्न करके तमाम ओथ कमिश्नर व अधिवक्ताओं के पास बार एसोसिएशन के कर्मचारी तारांचद द्वारा भेजी गई। जिसमें महिला अधिवक्ता ने यह कहते हुए सूची फाड़ दी कि बार महामंत्री को ओथ कमिश्नर सूची एजेंडे के साथ भेजने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार बार अध्यक्ष का है। इस पर बार एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई। इसमें बार अध्यक्ष जयवीर सिंह भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान महिला अधिवक्ता और रामकुमार तालियान में भी नोकझोंक हुई। मीटिंग में सर्वसम्मति से महिला अधिवक्ता की बार से सदस्यता खत्म करने और यूपी बार काउंसिल को अग्रिम कार्रवाई के लिए लिखा गया। मीटिंग में पूर्व बार अध्यक्ष ठा. रामबीर सिंह राणा, संजीव पंवार, बिजेंद्र सिंह, रामकुमार तालियान समेत तमाम बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद रहे।
उधर, बार अध्यक्ष ने मीटिंग के बाद विज्ञप्ति जारी कर महिला अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई को अवैध बताया। उन्होंने महामंत्री पर अनैतिक रूप से मीटिंग बुलाकर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। उन्होंने मीटिंग में लिये गये निर्णय को खुद के द्वारा निरस्त किए जाने की जानकारी दी। फिलहाल बार अध्यक्ष जयवीर सिंह व बार महामंत्री नवनीत गौतम आमने-सामने आ गये हैं। वहीं, महिला अधिवक्ता सोनी का कहना है कि उन पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।